
फिर यूं ही लगता है कि खुद का हाथ थाम कर खुद ही बैठ जाएं और खुद ही से कहें कि इतनी भी हड़बड़ी नहीं है जिंदगी को महसूस कर ..जिंदगी को महसूस कर और मुस्कुराते हुए जीता चल
Jul 10, 2023
2 min

बदलना जीवन का स्वभाव है तो क्यों ना बदलाव को महसूस करके जीए और जिंदगी के पौधे को विश्वास और प्यार से सींचें।
Jun 19, 2023
2 min

होता कहां है आसान टूट कर समझ जाना मुश्किल सा लगता है शायद ही जिंदगी को गले लगाना पर फिर भी सोचती हूं हिम्मत जुटा उन हौसलों को आवाज दूं और फिर संवर जाऊं।
May 4, 2023
3 min

unknowingly we never realised some deep emotional experiences hurt us that they stop our life or slow down us and vice versa small happy moments accelerate our life and give us confidence and satisfaction ,so please let the dark emotions flow and open the door for happiness.
Nov 21, 2022
3 min

Sometime or I can say many time unwanted, invaluable and self judged thinking create an obstacle that stop us to grow and to think positive.
Oct 14, 2022
2 min

ये जो बिखरी पड़ी है चारों तरफ
जिसे हम कहते हैं दुनिया
देखा जाए तो वहम है
पर कितना सच्चा ये वहम है
ये एक अधूरी कविता है
'Incomplete lines'….in my word document I have a folder named 'अधूरी कविताएं' as some time I don't have enough time to complete them …
फिर जब फुर्सत मिलती है तो उनको पूरा करती हूं, अधूरी लाईनें…. 'अधूरी कड़ियों' की तरह है
पर क्या ये अधूरी कड़ियां खूबसूरत नहीं है???
ये उन छोटी-छोटी अधूरी इच्छाओं की तरह है
जिन् पर हम शायद ध्यान नहीं देते …
पर यकीन मानिए जब
'छोटे-छोटे एहसास' पूरे होते हैं
तो मन करता है कि एक और
अधूरा एहसास जी ले
ताकि जिंदगी में एहसासों की कड़ियां जुड़ती चली जाए। और छोटे-छोटे एहसासों से ये जिंदगी संवरती चली जाए।
रुचि हर्ष
Sep 19, 2022
2 min

सूखी बंजर हो चाहे
चाहे मुश्किल हो सफ़र
हर अधूरे एहसास में
छिपी आस को चुना है
मैंने जीवन को चुना है
पत्ते झड़ते शाखों से
फूल बहुत से मुरझाते
माटी में झड़ जाते बीज
बीज ने फिर से जीवन को चुना है
मैंने जीवन को चुना है।
हर हालत में
हर हालात में
ईश्वर की कायनात के
रहस्य में छिपी खुशी को चुना है
हां, मैंने जिंदगी को चुना है….
रुचि हर्ष
Aug 22, 2022
2 min

मैंने सोचा था कि अब नहीं सोचूंगी पर सोच कर रह गई और कर नहीं पाई, मेरी ज़हन ने हर बात फिर दोहराई ,जीवित वर्तमान पर छा गई उसे खा गई, मरे हुए पलों ने जब झूठी आवाज लगाई। सच है ना कि कभी-कभी कुछ कड़वे एहसास इतने गहरे बैठे होते हैं कि हमें लगता है कि बस वही सच है बाकी सब झूठ है, पर माने या ना माने यह भी सच है कि वो उतने भी सच नहीं होते जितना हमारा दिमाग उन्हें दिखाता है।
Jul 29, 2022
3 min

एक नाराजगी...can change your inner world and create obstacles to stop the Life's flow ... Be mindful
एक छोटी सी नाराजगी बहती हुई जिंदगी को बांध देती है और एक छोटे से तालाब में तब्दील कर देती है। सिर्फ एक नाराजगी रिश्तो में, प्यार में ,खुद की जिंदगी में कितना कुछ गलत कर देती है। कभी-कभी लगता है नाराजगी बच्चों की नाराजगी जैसी होनी चाहिए। नाराज तो बच्चे भी होते हैं पर मना लेते हैं या मान जाते हैं पर अपने inner atmosphere को मेला नहीं होने देते।
Jul 9, 2022
2 min

'Why am I so busy '?
When everything around me is moving so fast I stop and ask 'is it the world that's busy or is it my mind'?
सुबह जो शुरू हुई
रात तक ना थमी
मैंने चारों तरफ देखा
एक भागदौड़ थी मची
मैं कुछ पल ठहर गई
क्योंकि भीतर से थी डरी हुई..
हम सब के साथ होता है ना ऐसा कभी-कभी
अगर किसी से बात कर रहे हैं तो दिमाग काम में है… अगर मस्ती कर रहे हैं तो दिमाग काम में है…
अगर काम कर रहे हैं तो दिमाग अगले काम में है…
अगर किसी शादी में से,या दोस्तों से मिल कर आए हैं और काम करना पड़ रहा है तो दिमाग पीछे बीते हुए पलों में है …ऐसा क्यों??
Be mindful.
Jun 22, 2022
3 min
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