RuchiHarsh
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भगवान, ईश्वर, खुदा..... नाम चाहे कोई भी हो सब का अर्थ पूर्ण आत्मा से है। पूर्णआत्मा अर्थात परमात्मा... जैसे भगवान कृष्ण जिस समय, जिस भाव, जिस चरित्र में भी खड़े हुए वह क्षण स्वयं में ही पूर्ण हो गया। एक संपूर्ण चरित्र, और जब कोई परम आत्मा कोई शरीर, कोई भी शरीर धारण करके धरती पर अवतरित होती है तो एक दिव्या रोशनी सरीखे ज्ञान का पथ सदा-सदा के लिए पीछे छोड़ जाती है , हमें तो सिर्फ उस पर चलना है और रास्ते में शांति और प्रेम खुद-ब-खुद साथ हो जाएंगे। ऐसा ही दिव्य पथ है- श्रीमद्भगवद्गीता चलिए मिलकर इस परम ग्रंथ को जानने की और इस पथ पर चलने की कोशिश करते हैं। रुचि"हर्ष" #ruchikikalam
जिंदगी भाग रही है और हम कहीं पीछे रह गए हैं
फिर यूं ही लगता है कि खुद का हाथ थाम कर खुद ही बैठ जाएं और खुद ही से कहें कि इतनी भी हड़बड़ी नहीं है जिंदगी को महसूस कर ..जिंदगी को महसूस कर और मुस्कुराते हुए जीता चल
Jul 10, 2023
2 min
चलो खुले मन से जीते हैं
बदलना जीवन का स्वभाव है तो क्यों ना बदलाव को महसूस करके जीए और जिंदगी के पौधे को विश्वास और प्यार से सींचें।
Jun 19, 2023
2 min
Sometimes...
होता कहां है आसान टूट कर समझ जाना मुश्किल सा लगता है शायद ही जिंदगी को गले लगाना पर फिर भी सोचती हूं हिम्मत जुटा उन हौसलों को आवाज दूं और फिर संवर जाऊं।
May 4, 2023
3 min
Deep dark emotions 🛑 stop us that's why I am asking.......नाराज़गीयां लेकर कितनी दूर तक जाओगे!??
unknowingly we never realised some deep emotional experiences hurt us that they stop our life or slow down us and vice versa small happy moments accelerate our life and give us confidence and satisfaction ,so please let the dark emotions flow and open the door for happiness.
Nov 21, 2022
3 min
Don't Stop 🛑 put a Full Stop and move forward.
Sometime or I can say many time unwanted, invaluable and self judged thinking create an obstacle that stop us to grow and to think positive.
Oct 14, 2022
2 min
Incomplete lines... makes life complete, give essence and feel perfect.
ये जो बिखरी पड़ी है चारों तरफ  जिसे हम कहते हैं दुनिया  देखा जाए तो वहम है  पर कितना सच्चा ये वहम है ये एक अधूरी कविता है   'Incomplete lines'….in my word document I have  a folder named 'अधूरी कविताएं' as some time I don't have enough time to complete them … फिर जब फुर्सत मिलती है तो उनको पूरा करती हूं, अधूरी लाईनें…. 'अधूरी कड़ियों' की तरह है  पर क्या ये अधूरी कड़ियां खूबसूरत नहीं है???  ये उन  छोटी-छोटी अधूरी इच्छाओं की तरह है  जिन् पर हम शायद ध्यान नहीं देते … पर यकीन मानिए जब  'छोटे-छोटे एहसास' पूरे होते हैं  तो मन करता है कि एक और  अधूरा एहसास जी ले ताकि जिंदगी में एहसासों की कड़ियां जुड़ती चली जाए। और छोटे-छोटे एहसासों से ये  जिंदगी संवरती चली जाए। रुचि हर्ष
Sep 19, 2022
2 min
मैंने जीवन को चुना है...I choose life
सूखी बंजर हो चाहे  चाहे मुश्किल हो सफ़र  हर अधूरे एहसास  में  छिपी आस को चुना है  मैंने जीवन को चुना है  पत्ते झड़ते शाखों से  फूल बहुत से मुरझाते   माटी में झड़ जाते बीज  बीज ने फिर से जीवन को चुना है  मैंने जीवन को चुना है। हर हालत में   हर हालात में  ईश्वर की कायनात के रहस्य में छिपी खुशी को चुना है  हां, मैंने जिंदगी को चुना है…. रुचि हर्ष
Aug 22, 2022
2 min
जीवित वर्तमान....let me live in present
मैंने सोचा था कि अब नहीं सोचूंगी पर सोच कर रह गई और कर नहीं पाई, मेरी ज़हन ने हर बात फिर दोहराई ,जीवित वर्तमान पर छा गई उसे खा गई, मरे हुए पलों ने जब झूठी आवाज लगाई। सच है ना कि कभी-कभी कुछ कड़वे एहसास इतने गहरे बैठे होते हैं कि हमें लगता है कि बस वही सच है बाकी सब झूठ है, पर माने या ना माने यह भी सच है कि वो उतने भी सच नहीं होते जितना हमारा दिमाग उन्हें दिखाता है।
Jul 29, 2022
3 min
एक नाराजगी...can change your inner world and create obstacles to stop the Life's flow ... Be mindful
एक छोटी सी नाराजगी बहती हुई जिंदगी को बांध देती है और एक छोटे से तालाब में तब्दील कर देती है। सिर्फ एक नाराजगी रिश्तो में, प्यार में ,खुद की जिंदगी में कितना कुछ गलत कर देती है। कभी-कभी लगता है नाराजगी बच्चों की नाराजगी जैसी होनी चाहिए। नाराज तो बच्चे भी होते हैं पर मना लेते हैं या मान जाते हैं पर अपने inner atmosphere को मेला नहीं होने देते।
Jul 9, 2022
2 min
Life with perfect speed!
'Why am I so busy '? When everything around me is moving so fast I stop and ask 'is it the world that's busy or is it my mind'? सुबह जो शुरू हुई  रात तक ना थमी  मैंने चारों तरफ देखा  एक भागदौड़ थी मची  मैं कुछ पल ठहर गई   क्योंकि भीतर से थी डरी हुई.. हम सब के साथ होता है ना ऐसा कभी-कभी अगर किसी से बात कर रहे हैं तो दिमाग काम में है… अगर मस्ती कर रहे हैं तो दिमाग काम में है…  अगर काम कर रहे हैं तो दिमाग अगले काम में है… अगर किसी शादी में से,या दोस्तों से मिल कर आए हैं और काम करना पड़ रहा है तो दिमाग पीछे बीते हुए पलों में है …ऐसा क्यों?? Be mindful.
Jun 22, 2022
3 min
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