RuchiHarsh
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जीवित वर्तमान....let me live in present
3 minutes Posted Jul 29, 2022 at 2:10 am.
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मैंने सोचा था कि अब नहीं सोचूंगी पर सोच कर रह गई और कर नहीं पाई, मेरी ज़हन ने हर बात फिर दोहराई ,जीवित वर्तमान पर छा गई उसे खा गई, मरे हुए पलों ने जब झूठी आवाज लगाई। सच है ना कि कभी-कभी कुछ कड़वे एहसास इतने गहरे बैठे होते हैं कि हमें लगता है कि बस वही सच है बाकी सब झूठ है, पर माने या ना माने यह भी सच है कि वो उतने भी सच नहीं होते जितना हमारा दिमाग उन्हें दिखाता है।