
Story Teller _ Anju Sharma
एक जंगल में बहुत शक्तिशाली शेर रहता था। जब भी उस शेर को भूख लगती तो, वो चार-पांच जानवरों को मार देता। जबकि भूख उसे केवल एक ही जानवर की होती। जंगल के सभी जानवर शेर की इस बात से बहुत दुखी थे। तब एक छोटे से खरगोश ने कैसे इतने बड़े और शक्तिशाली शेर मार गिराया आइये जानते हैं इस कहानी के माध्यम से।
Dec 13, 2020
7 min

Story Teller - Anju Sharma
एक बार एक कुत्ते को बहुत ज़ोर की भूख लगी। खाने की तलाश में बहुत देर तक वो वो इधर-उधर भटकता रहा लेकिन उसे कहीं कुछ नहीं मिला।आखिर थक हार कर वो एक पेड़ के नीचे बैठ गया।अचानक उसकी नज़र पेड़ के तने के पास पड़े मीट के टुकड़े पर पड़ी। कुत्ते को मीट टुकड़ा देख कर बहुत ख़ुशी हुई। जब उसमे पास जाकर देखा तो उसमें हड्डी भी थी। हड्डी चबाना तो कुत्ते को बहुत अच्छा लगता है। कुत्ते ने हड्डी को उठाया और एकांत में उसे खाने चल दिया। जब वह एक नदी के पास से गुज़र रहा था तो उसने अपनी परछाईं को पानी में देखा। कुत्ते लगा कि वहां एक दूसरा कुत्ता है और उसके पास भी मीट का टुकड़ा है। उसने सोचा, क्यों न उस कुत्ते का मीट का टुकड़ा छीन लूँ, फिर मज़े से दो-दो मीट के टुकड़े खाऊंगा।(हम्म्म्म चाटने की आवाज़ ) दूसरे कुत्ते को भागने के लिए ः ज़ोर-ज़ोर से भौंकने लगा। भौ-भौ.... लेकिन ये क्या ? जैसे ही उसने भौकने के लिए मुँह खोला उसका खुदका टुकड़ा पानी में गिर पड़ा। कुत्ता बहुत छटपटाया, पानी में मुँह मारने लगा। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसलिए कहते हैं लालच बुरी बाला है। यदि कुत्ता अपने मीट के टुकड़े से संतुष्ट रहता तो उसे भूखे न रहना पड़ता। लेकिन अब पछताने से क्या फायदा।
शिक्षा लालच बुरी बाला है।
या
कभी लालच नहीं करना चाहिए
Dec 10, 2020
3 min

Story Teller_ Anju Sharma
गर्मियों के दिन थे। धुप तेज़ पड़ रही थी। ऐसे में एक कौए को बहुत तेज़ प्यास लगी। वह पानी की तलाश में हर जगह गया लेकिन, उसे कहीं भी पानी नहीं मिला। अंत में वह एक बाग में पहुंचा। वहां मिटटी का एक घड़ा रखा हुआ था। कौए ने उसमें झांक कर देखा। घड़े में पानी तो था लेकिन बहुत कम था। उसकी चोंच वहां तक नहीं पहुँच सकती थी। कोए ने इधर देखा, वहां बहुत सारे पत्थर पड़े हुए थे। तब कोए ने एक-एक करके अपनी चोंच से पत्थर उठा कर घड़े में डालने शुरू कर दिए। इसमें कोए को काफी मेहनत करनी पड़ी। लेकिन थोड़ी देर बाद ही पानी ऊपर आ गया। अब उसकी चोंच पानी तक पहुँच सकती थी। कोए ने बहुत सारा पनि पिया और उड़ गया। उसे मेहनत का फल मिल गया था।
Moral सीख - समझदारी और मेहनत से सभी काम सफल हो जाते हैं।
Dec 8, 2020
2 min

जंगल के किनारे एक छोटी सी नदी बहती थी। नदी के एक और जंगल था तो, दूसरी और एक छोटा सा गाँव था। उस गाँव में एक बहुत गरीब लेकिन बेहद ईमानदार लकड़हारा रहता था। उस लकड़हारे का नाम भोला था। भोला रोज़ सुबह नदी पार कर, जंगल में जाता वहां से लकड़ियां काटकर बाजार में बेच देता और उसी पैसे से अपने परिवार का पालन पोषण करता। एक दिन भोला नदी किनारे लकड़ियां काट रहा था। तभी, इस कुल्हाड़ी से वो लकड़ियां काट रहा था वो उसके हाथ से छूटकर नदी में जा गिरी। भोला बहुत उदास हो गया और वहीँ नदी किनारे बैठ कर रोने लगा। उसका रोना सुनकर नादी के देवता उसके सामने प्रकट हो गए। उन्होंने भोला से पूछा, "क्या हुआ वत्स, तुम क्यों रो रहे हो?" भोला ने कहा, प्रभु मैं अभी यहाँ जब लड़ियाँ काट रहा था तो मेरे हाथ से छूट कर मेरी कुल्हाड़ी नदी में जा गिरी। मैं बहुत गरीब हूँ, मेरे पास तो इतने पैसे भी नहीं है कि मै कोई नै कुल्हाड़ी खरीद लूँ। अब मेरा क्या होगा, बिना कुल्हाड़ी के मै लकड़ियां कैसे काटूंगा? मेरे परिवार का गुज़ारा कैसे होगा। और ऐसा कह कर भोला ज़ोर- ज़ोर से रोने लगा। नदी के देवता को उस पर दया आ जाती है और वो उसकी ईमानदारी का इनाम देते हैं। लेकिन उसका पडोसी भी लालच में आकार इनाम लेने की है।
Voice_Anju Sharma
Dec 6, 2020
7 min

एक किसान और उसके चार बेटे थे। जो हमेशा लड़ते झगड़ते रहते थे । बेटों को यूं लड़ते झगड़ते देख। किसान बीमार रहने लगा। तब किसान को एक युक्ति सूझी और उसे अपने बेटों पर आजमाया जिसके बाद उसके बेटे मिल जुल कर रहने लगे।
Nov 19, 2020
4 min
