Story Teller - Anju Sharma
एक बार एक कुत्ते को बहुत ज़ोर की भूख लगी। खाने की तलाश में बहुत देर तक वो वो इधर-उधर भटकता रहा लेकिन उसे कहीं कुछ नहीं मिला।आखिर थक हार कर वो एक पेड़ के नीचे बैठ गया।अचानक उसकी नज़र पेड़ के तने के पास पड़े मीट के टुकड़े पर पड़ी। कुत्ते को मीट टुकड़ा देख कर बहुत ख़ुशी हुई। जब उसमे पास जाकर देखा तो उसमें हड्डी भी थी। हड्डी चबाना तो कुत्ते को बहुत अच्छा लगता है। कुत्ते ने हड्डी को उठाया और एकांत में उसे खाने चल दिया। जब वह एक नदी के पास से गुज़र रहा था तो उसने अपनी परछाईं को पानी में देखा। कुत्ते लगा कि वहां एक दूसरा कुत्ता है और उसके पास भी मीट का टुकड़ा है। उसने सोचा, क्यों न उस कुत्ते का मीट का टुकड़ा छीन लूँ, फिर मज़े से दो-दो मीट के टुकड़े खाऊंगा।(हम्म्म्म चाटने की आवाज़ ) दूसरे कुत्ते को भागने के लिए ः ज़ोर-ज़ोर से भौंकने लगा। भौ-भौ.... लेकिन ये क्या ? जैसे ही उसने भौकने के लिए मुँह खोला उसका खुदका टुकड़ा पानी में गिर पड़ा। कुत्ता बहुत छटपटाया, पानी में मुँह मारने लगा। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसलिए कहते हैं लालच बुरी बाला है। यदि कुत्ता अपने मीट के टुकड़े से संतुष्ट रहता तो उसे भूखे न रहना पड़ता। लेकिन अब पछताने से क्या फायदा।
शिक्षा लालच बुरी बाला है।
या
कभी लालच नहीं करना चाहिए

