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हास्य
झांकी इम्तिहान
आओ भाई तुम्हें बताएं झांकी इम्तिहान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम .....४
अंग्रेजी की बात न पूछो इसका क्षेत्र तो लंबा है
टेंस को मानो जैसे इसका विचला खंबा है
अंग्रेजी की आई परीक्षा जिस दिन होने वाली थी
फाइब वर्ड में सेवन गलती बाद में मालूम आई थी
तब हमने भी दे डाली दुहाई पवनसुत हनुमान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
बैठ परीक्षा भवन में हमने जब क्वेश्चन पेपर पाया था
जनवरी-फरवरी मास में भी हमें पसीना आया था
लेटर पर जो नजर पड़ी तो याद आई प्राण की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
भैया गणित की बात न पूछो इसका क्षेत्र विराट है
त्रिकोणमिति है मंत्री संत्री रेखागणित सम्राट है
सांख्यिकी में माध्य माध्यिका बहुलक वाली ठाठ है
क्षेत्रमिति में घन गोला बेलन शंकु करते अरदास हैं
देखो अंक गणित और बीजगणित के सूत्रो में झलक दिखते इसके अभिमान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
ये देखो अपना सामाजिक नाज इसे इतिहास पे
डाल रहा है नजर ये कब से मरे हुए सम्राट पे
नागरिक शास्त्र के लोकतंत्र और कानूनी सरकारों पे
मेरा मन भी डोल रहा है झूठे सच्चे नारों पे
भूगोल लिए बैठा है कहानी ग्लोब मानचित्र और खान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
देखो क्षेत्र विज्ञान का भैया यहां न्यूटन बोला था
गति गुरुत्वाकर्षण को भी जिसने सिद्धांतों पर तोला था
यहीं रमन चावला कलाम क्यूरी का बोलबाला था
जीव विज्ञान की बात न पूछो इसका क्षेत्र निराला था
किड़े मुर्दों को भी जिसने प्रयोगों पर पाला था
रसायन शास्त्र को भी अभिमान है अपने सूत्र समीकरण गुणगान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
हिंदी का विस्तार यह देखो यहां व्यंग का गोला है
ये मत पूछो किन किन हस्तियों ने इसको पाला है
कहीं महादेवी कहीं बच्चन तो कहीं अकेला खड़ा निराला है
संधि समास पद परिचय और छंद अलंकार तो दुश्मन बनते जान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
ये देखो संस्कृत इसका हर क्षेत्र निराला है
पाणिनि ब्रदराज कालिदास ने इसको ढ़ाला है
ढ़ाला इसको श्लोकों में संधि समास छंद ने पाला है
महाबलेश्वर सूत्र और प्रत्याहारों कि इसमें ज्वाला है
जननी है यह सभी भाषा की करवाती अध्ययन वेद पुराण की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
आचार्य गोपाल जी
उर्फ आजाद अकेला बरबीघा वाले
प्लस टू उच्च विद्यालय बरबीघा शेखपुरा बिहार
सुनिए नए ज़माने की नयी कवितायें
कलम से एक व्हात्सप्प ग्रुप का संयोजन है जिसमें कई नामी गिरामी कवि और लेखक हैं, यह पॉडकास्ट उनके लेखन की प्रक्रिया और उनकी रचनाओं को आम जनों तक लाने का तुच्छ सा प्रयास है। आइये सुनते
हैं| अपनी प्रतिक्रियाओं से नवाजें। धन्यवाद।।
और कवितायें पढ़ने के लिए हमारे फ़ेसबुक पेज पर जाएँ....
https://www.facebook.com/rachnaayeaapkikalamse/
झांकी इम्तिहान
आओ भाई तुम्हें बताएं झांकी इम्तिहान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम .....४
अंग्रेजी की बात न पूछो इसका क्षेत्र तो लंबा है
टेंस को मानो जैसे इसका विचला खंबा है
अंग्रेजी की आई परीक्षा जिस दिन होने वाली थी
फाइब वर्ड में सेवन गलती बाद में मालूम आई थी
तब हमने भी दे डाली दुहाई पवनसुत हनुमान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
बैठ परीक्षा भवन में हमने जब क्वेश्चन पेपर पाया था
जनवरी-फरवरी मास में भी हमें पसीना आया था
लेटर पर जो नजर पड़ी तो याद आई प्राण की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
भैया गणित की बात न पूछो इसका क्षेत्र विराट है
त्रिकोणमिति है मंत्री संत्री रेखागणित सम्राट है
सांख्यिकी में माध्य माध्यिका बहुलक वाली ठाठ है
क्षेत्रमिति में घन गोला बेलन शंकु करते अरदास हैं
देखो अंक गणित और बीजगणित के सूत्रो में झलक दिखते इसके अभिमान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
ये देखो अपना सामाजिक नाज इसे इतिहास पे
डाल रहा है नजर ये कब से मरे हुए सम्राट पे
नागरिक शास्त्र के लोकतंत्र और कानूनी सरकारों पे
मेरा मन भी डोल रहा है झूठे सच्चे नारों पे
भूगोल लिए बैठा है कहानी ग्लोब मानचित्र और खान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
देखो क्षेत्र विज्ञान का भैया यहां न्यूटन बोला था
गति गुरुत्वाकर्षण को भी जिसने सिद्धांतों पर तोला था
यहीं रमन चावला कलाम क्यूरी का बोलबाला था
जीव विज्ञान की बात न पूछो इसका क्षेत्र निराला था
किड़े मुर्दों को भी जिसने प्रयोगों पर पाला था
रसायन शास्त्र को भी अभिमान है अपने सूत्र समीकरण गुणगान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
हिंदी का विस्तार यह देखो यहां व्यंग का गोला है
ये मत पूछो किन किन हस्तियों ने इसको पाला है
कहीं महादेवी कहीं बच्चन तो कहीं अकेला खड़ा निराला है
संधि समास पद परिचय और छंद अलंकार तो दुश्मन बनते जान की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
ये देखो संस्कृत इसका हर क्षेत्र निराला है
पाणिनि ब्रदराज कालिदास ने इसको ढ़ाला है
ढ़ाला इसको श्लोकों में संधि समास छंद ने पाला है
महाबलेश्वर सूत्र और प्रत्याहारों कि इसमें ज्वाला है
जननी है यह सभी भाषा की करवाती अध्ययन वेद पुराण की
आशा है कि पास करेंगे फिर मर्जी भगवान की
अंडे चाय गरम.......४
आचार्य गोपाल जी
उर्फ आजाद अकेला बरबीघा वाले
प्लस टू उच्च विद्यालय बरबीघा शेखपुरा बिहार
सुनिए नए ज़माने की नयी कवितायें
कलम से एक व्हात्सप्प ग्रुप का संयोजन है जिसमें कई नामी गिरामी कवि और लेखक हैं, यह पॉडकास्ट उनके लेखन की प्रक्रिया और उनकी रचनाओं को आम जनों तक लाने का तुच्छ सा प्रयास है। आइये सुनते
हैं| अपनी प्रतिक्रियाओं से नवाजें। धन्यवाद।।
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