Vidyantriksh Parenting Series | Ep5 | The Treasure of Your Friends | विरासत रिश्तों की| TeacherParv Podcasts
(Amit Dagar & Dr Aarti)
विरासत रिश्तों की
विरासत में हम अपने बच्चों को क्या देते हैं? मेरी नजर में सबसे कीमती विरासत जो हम उन्हे दे सकते है, वो है हमारे रिश्ते ओर मित्र।
होता क्या है। हमारे मित्र हमसे मिलने घर आते हैं, तो बच्चों को देखकर अक्सर हम यही कहते हैं कि बच्चों अब तुम अंदर जाओ। कहीं मित्रों से मिलने जाते हैं तो कहते हैं बच्चे क्या करेंगे। यहीं पर हम उन्हें अपने मित्रों से अलग कर देते हैं। हमारे अंतरंग रिश्ते उनके लिए अनजान ओर पराए हो जाते हैं।
पिछले वर्ष बैंगलोर गया था मेरे स्कूली दोस्तों से मिलने। मेरे लिए उन्होंने, ब्रेकफास्ट, लंच पार्टी रखी थी। मुझे देखकर बहुत खुशी हुआ कि लगभग सभी दोस्त अपनी पत्नी और बच्चों को साथ लाये थे। जबकि मैं बेटी को साथ नही ले गया था। मुझे महसूस हुआ कि मैंने उसे कितने रिश्तों से वंचित कर दिया।
पिछले साल, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ भगवान सिंह घर आये थे तो उन्होंने बेटे के बारे में विस्तार से पूछा। फिर बेटी को बुलाया ओर मुझे ओर आरती को छोड़कर संजीवनी को पास बिठाकर आराम से काफी देर बातचीत की।
जब भी हमारे मित्र आएं तो हमें उन्हें अपने बच्चों से जरूर मिलवाना चाहिए। इतनी जान पहचान करवानी चाहिए कि कभी आप घर पर न हों तो स्वतंत्र रूप से भी हमारे बच्चे उनसे मिल सकें। आप किसी के घर जाएं तो उनके बच्चों से जरूर मिलें। सिर्फ दिखावे के लिए नही, संजीदगी से। ये रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण हैं हमारे बच्चों के संसार का दायरा बढ़ाने के लिए। जहां बच्चे सामाजिक होना सीखते हैं वहीं हम उन्हें कुछ भरोसेमंद अनमोल रिश्ते भी देते हैं जो जीवन भर उनके साथ रहते हैं और जिन्हें वो चाहें तो आगे बढ़ा सकते हैं। आपके रिश्ते ओर मित्रों को आपके बच्चों के भी रिश्ते और मित्र भी बनाएं।
ऐसे समय में जब हमारे परिवार छोटे होते जा रहे हैं और हमारे बच्चे जो खुद तक ही सिमटते जा रहे हैं, ये रिश्ते देकर हम उन्हें जीवन के बहुत कीमती पहलू से वापिस जोड़ सकेंगे।
देंगे ना आप ये अनमोल विरासत अपने बच्चों को
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