TeacherParv: Celebrating Learning
TeacherParv: Celebrating Learning
Parveen Sharma
Teaching is a Celebration (Parv)! This is a Podcast to Share Learning. We shall bring learning ideas, smart tools usage tips, TechForTeachers, talks, literary narrations and discussions about education, learning, life skills, literature and philosophy. पढ़ाना एक पर्व है, उत्सव है जीवन के सार्थक हो जाने का! पर्व सीखने और सिखाने का! I am Parveen Sharma. I teach Communication Skills, English, EdTech, Podcasting, Public Speaking, Employability Enhancement and Literary Skills. I blog at eklavyaparv.com
Ep27_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_फिर से वसंत - After 1 year
एक साल बाद फिर से !ताशकंद से बातें! अमेरिका की यात्रा, अपने देश का अनुभव, ताशकंद का बसंत
Mar 18
46 min
Ep26_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_वसंत, होली, इनाम, शुक्रिया!
जीवन चलने का नाम - चलते रहो सुबहो-शाम! आइए एक और कड़ी जोड़ते हैं, एक और कड़ी सुन लेते हैं ताशकंद से बातें पॉडकास्ट्स की! होली भी है, वसंत भी है और सीखना भी है इस कड़ी में! सबसे पहले तो शुक्रिया है आशीर्वाद देने वालों का और साथ देने वालों का!
Mar 18, 2025
32 min
अंग्रेज़ी भाषा में करियर का अंतरराष्ट्रीय भविष्य | AICEeCC Award Podcast | Parveen Sharma
अंग्रेज़ी भाषा में करियर का अंतरराष्ट्रीय भविष्य | Global Future of Careers in the English Language अंग्रेज़ी भाषा भविष्य के लिए अपार सम्भावनाएं प्रदान करती है। नौकरी हो या अपना व्यवसाय, अनुसंधान करना हो या पत्रकारिता, या फिर बन जाना हो इंफ्लुएंसर, अंग्रेज़ी भाषा का कौशल काम आता है। फिर भी आज-कल बच्चे भाषा के प्रति सचेत नहीं है, परेशान ज़रूर हैं। आइए जानते हैं कि स्कूल से निकलते ही इंग्लिश को कैसे एक सफल करियर की नीवं बनाया जा सकता है। 
Mar 18, 2025
10 min
Cyber Smart Kids - मंतव्य शर्मा पॉडकास्ट - 'साइबर स्मार्ट' बच्चे मन के सच्चे
मंतव्य शर्मा की उम्र 3 वर्ष है। यह पॉडकास्ट उनके द्वारा उनके अपने अंदाज़ में ही रिकॉर्ड किया गया है। निश्चित की आपको पसंद आयेगा क्योंकि, इसमें सीधी-सीधी बातें और उस से भी सीधे - सटीक सवाल हैं। जवाब हम सबको पता ही हैं - जैसे पूछा जाये कि "फ़ोन क्यों दिया या किसने दिया छोटे बच्चों को, किताबें भी तो दे सकते हैं!"Mantavya speaks his heart to all of us about Cyber Safety and Smartness on the Internet. He also gives advice to Internet and Smartphone users about being safe. This podcast was later shared as a work for AICEeCC, keeping it a very promising entry into the 2024-25 version of this prestigious contest in India. https://youtu.be/G3teAhGWiHE
Jan 29, 2025
6 min
Ep25_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_26 जनवरी, बर्फ़ का सफ़र, ढाबा, कविताएँ और अच्छी बातें
इस कड़ी में हैं अनुभव आज-कल के! भारतीय राजदूतावास में गणतंत्र दिवस, मनीष मिश्रा जी के साथ एक छोटा सा साक्षात्कार, ढाबा, कविताएँ और वसंत के आने की दस्तक।
Jan 27, 2025
20 min
Ep24_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_राज कपूर शताब्दी वर्ष, परिसंवाद, बर्फ़, उज़्बेक फ़िल्म, विदेश से दिखता देश
राज कपूर शताब्दी वर्ष जैसे आप सब भारत में रह कर माना रहें हैं, कई जगह कार्यक्रम देख रहे हैं, स्वयं प्रधान मंत्री मोदी ने कपूर परिवार से बात करते हुए 'मध्य एशिया' में कुछ करने की बात कही। हमने सिखाया तो नहीं परंतु, संयोंग से सहयोग करने का अवसर मिला, मनीष जी के माध्यम से, अंतरराष्ट्रीय परिवासंवाद में। हवास ग्रुप, लाला बहादुर भारतीय संस्कृति केंद्र और उज़्बेक कलाकारों की कला ने जो जादू बिखेरा, राज कपूर और भारतीय फ़िल्म महोत्सव में - वो अद्भुत रहा। जो देखा, समझा औआर सीखा - वो सब इसी पॉडकास्ट में। बातें!
Dec 19, 2024
27 min
Ep23_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_कैलाश खेर, दिवाली आगमन, इतिहास, मौसम, जलेबी, कविताएँ, इकोबाज़ार इत्यादि
ताशकंद से चल रही हमारी बातों में इस बार आया है संगीत - भारत से ही! कैलाश खेर (कैलासा बैंड) ने अद्भुत प्रस्तुति दी और घर से दूर, एक अपनापन सौंपा। इस कड़ी के आरंभ में जो वाद्ययंत्र आप सुनेंगे, वो वहीं से रिकॉर्ड किया गया है। और भी बहुत सारी बातें हैं, अनुभव हैं और योजनाएं भी हैं। आइए सुनते हैं - ताशकंद से बातें! Ep23_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_कैलाश खेर, दिवाली आगमन, इतिहास, मौसम, जलेबी, कविताएँ, इकोबाज़ार इत्यादि
Oct 27, 2024
33 min
Ep22_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_दुर्गा पूजा, फुटसाल विश्व कप, रोहित जोशी, जोगी समुदाय, शब्दों का सप्तक
ताशकंद डायरीज़ की अक्टूबर माह की कड़ी, बाईसवाँ पड़ाव, भारतीय समुदाय की दुर्गा पूजा, अचानक बारह साल पुराने स्टूडेंट रोहित से मिलना, बहार-दूत पतझड़ का आगमन, घर का ज़िक्र, शब्दों का सप्तक पुस्तक की ज़िम्मेदारी, प्रिय गुरु भाई विनीत बंसल के बारे में, जीवन की सकारात्मकता और भी कुछ बातें! Ep22_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_दुर्गा पूजा, फुटसाल विश्व कप, रोहित जोशी, जोगी समुदाय, शब्दों का सप्तक
Oct 6, 2024
24 min
Ep21_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_हिन्दी दिवस पर ताशकंद से कवितायेँ और भाव - अपनी भाषा से प्रेम के, सम्मान के।
14 सितंबर को हिंदी दिवस पूरी दुनिया में, जहां भी हिंदी को मानने वाले हैं, छोटे-बड़े या व्यक्तिगत स्तर पर मना लिया जाता है। ताशकंद में रहते हुए हिंदी के प्रति जो सम्मान मिला है, वह अद्भुत है। हिंदी हमें विश्व की हर भाषा को अपनाना सिखाती है। आप सभी को हिंदी दिवस की शुभकानाएं! आदरणीय विनोद कुमार शुक्ल नरेश सक्सेना जी बाबा नागार्जुन मित्र और अग्रज डॉ मनीष कुमार मिश्रा जी की कवितायेँ।
Sep 14, 2024
14 min
Ep20_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_September_पतझड़ लायी बहार, ताशकंद में भारत, कत्थक, सितार, हिंदी, दोस्त, भावों का दूसरा हफ़्ता
मैंने खत में तुमको क्या लिखा था,मुझे याद नहींशायद लिखा था तुमकोकि जल्दी लौटूंगालौटूंगा वैसा हीजैसा गया था यहां सेलौटूंगा शून्य होकरशायद लौटूंगा किसी कवि की तरहपहले से बेहतर होकरया फिर घर से भागकर गएशहजादे की तरहलौटूंगा गलत पते से होकरसही पते पहुंचे किसी खत की तरहलौटूंगा शायद हर बरस छज्जे से गिरने वालीमौसम की पहली बारिश की तरहजब भी लौटूंगालौटूंगा तुमसे मिलने के इंतजार मेंलौटूंगा जरूर...लौटूंगा तुम्हारे लिए.......Ep20_ताशकंद से बातें_Tashkent Diaries_September's Entry_पतझड़ लायी बहार, ताशकंद में भारत, कत्थक, सितार, हिंदी, दोस्त, भावों का दूसरा हफ़्ता जब आप अपने देश से किसी दूसरे देश में जाते हैं तो लगता है सारा देश, उसमें रहने वाले करोड़ों करोड़ों लोग, उनके विचार-व्यवहार, ख़ान पान, तीज त्योहार, चिंता और ख़ुशी दोनों, उम्मीदें भी और हताशाएँ भी, सब साथ आ जाती हैं! बिना किसी वजन के। ना वीज़ा अलग से लगता उनका ना कोई और जाँच होती है। हम ख़ुद नहीं चलते, जिन्हें हम मानते हैं और जिनकी हम मानते हैं - चलाते तो हमें वो हैं। विनम्र और कृतज्ञ, शुक्रगुज़ार, रहना ज़रूरी है बस। नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम परवीन शर्मा है। आप मुझे फिर से सुन रहें हैं ताशकंद डायरीज में। पॉडकास्ट का नाम है टीचर पर्व पॉडकास्ट्स। ये यात्रा एक हिम्मती विराम - विश्राम के बाद फिर से शुरू हुई है। जैसा कि मैंने कहा कि हमें चलाते और बनाते वो हैं जिनकी और जिनको हम मानते हैं, जो हर परिस्थिति में हमारा साथ ही देते हैं। मेरे लिये ये मेरा परिवार, गुरुजन, दोस्त और इन तीनों रूपों में वो जो मेरे स्टूडेंट्स हैं - ये हैं वो लोग, जिनको और जिनकी बात को मानना मुझे आया है इस विश्राम में। जीवन के चौथे दशक में प्रवेश इतनी तसल्ली के साथ होगा, ये सोचा ना था। धन या पद की बात नहीं, यहाँ तो बात अपने सौभाग्य की है। अच्छा करने का अवसर मिल जाना है पहले जो अच्छा किया उसका फल है। मेरे लिये यही भगवद् गीता का संदेश और सीख और सार है। अब लौटे हैं ताशकंद डायरीज में तो औपचारिक भूमिका भी कह देते हैं। उज़बेकिस्तान के प्रति अत्यंत आदर और धन्यवाद के साथ क्योंकि अगर वापस बुलाया ही है, तो ये धरती कुछ ख़ास जादू रखती है। लोग कुछ ज़्यादा मुहब्बत और आबो हवा कुछ दैवीय। मेरे लिये तो ये भाव सच ही प्रतीत होता है।
Sep 6, 2024
36 min
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