
दोपहर का समय है, धूप तेज होती जा रही है। सिद्धेश्वरी को अपने तीन बेटों और पति के भोजन का ख़याल करना है।
Nov 28, 2023
14 min

1929 में भरती भंडार द्वारा प्रकाशित यह कहानी भारतीय भूमिखंड से दूर हिन्द महासागर की लहरों, और जावा-सुमत्रा के द्वीपों के इर्द-गिर्द घूमती दो अपराधियों के आपसी संबंधों का खाका बुनती है।
Nov 27, 2023
21 min

1978 में प्रकाशित यह कहानी एक माँ और बेटी के रिश्ते की जटिलताओं को उजागर करती है, और माँ के भीतर चल रहे द्वन्द पर भी रोशनी डालती है।
Nov 26, 2023
39 min

1921 में 'हंस' द्वारा छपी गई बूढ़ी काकी उम्र के आख़िरी कगार पर खड़ी एक बुजुर्ग महिला की बाहरी और भीतरी दुनिया के बीच बढ़ते फ़ासले की तस्वीर बुनती है।
Nov 25, 2023
20 min
