
चाहतें बहुत सी हैं और चाहतों का सफर बहुत लंबा है उन्हीं चाहतों के सफर पर आज मैं आपको ले चलती हूं। हम बहुत बार कहते हैं कि यह मेरे साथ क्यों हो रहा है पर हम यह नहीं जानते कि यह सब हम खुद ही चाहते हैं। जो हम चाहते हैं वही हमें मिलता है लेकिन हम उसे समझ नहीं पाते। आज इस ऑडियोबुक को सुनने के बाद आप समझ पाएंगे कि यह मैंने ही चाहा था।
Jul 3, 2021
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