Show notes
चाहतें बहुत सी हैं और चाहतों का सफर बहुत लंबा है उन्हीं चाहतों के सफर पर आज मैं आपको ले चलती हूं। हम बहुत बार कहते हैं कि यह मेरे साथ क्यों हो रहा है पर हम यह नहीं जानते कि यह सब हम खुद ही चाहते हैं। जो हम चाहते हैं वही हमें मिलता है लेकिन हम उसे समझ नहीं पाते। आज इस ऑडियोबुक को सुनने के बाद आप समझ पाएंगे कि यह मैंने ही चाहा था।

