
* मूढ़ता दूर करनी है, फिर सब दीख जाएगा* पहले जीवन का उद्देश्य तय करो* आदमी के अलावा सारी प्रकृति में कोई आत्महत्या नहीं करतागुरुदेव महाराज जी के जीवन का एक किस्सा
Jul 3
21 min

* जो व्यक्ति दूसरे का जितना ध्यान जीवन में रख कर चलता है, वो उतना ही भगवान के निकट होता है* धर्म के दस लक्षण मनु स्मृति में* पहला लक्षण - धैर्य* दूसरा - क्षमा* तीसरा - दम* चौथा - आस्ते ( चोरी न करना )* पांचवा - शौंच * छठा - इंद्रियों को वश में रखना* सातवां - सात्विक बुद्धि* आठवां - सात्विक ज्ञान* नौवा - सत्य वचन* दसवां - क्रोध न करना * सच्चा साधक २४ घंटे का _ हर समय अपने ऊपर निगाह* वही काम करते हुए नीयत बदलनी है* सांसारिक जीवन और आध्यात्मिक जीवन में कोई भेद नहीं* ऐसा नहीं है कि साधक को जीवन में ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है* अनंत जन्मों का मैल निकलता है* इस संसार में पतन होने की चेष्टा करने की आवश्यकता नहीं है। पतन तो होगा , यदि उत्थान की चेष्टा नहीं करी तो* इस लिए रोज ध्यान रोज भजन, जो साधना है रोज करे जाओ* तुम फंस गये, अब भाग नहीं सकते* आत्मा क्या है? इसको समझने की कोशिश मत करो, तुम्हें समझ में आयेगा नहीं। बस मान लो* अनंत आत्मा के महा-सागर में लहरें उठ रही है। लहर का अलग होने का भ्रम मुश्य शरीर में आकर ही खत्म होता है
Jun 26
35 min

* सिद्धियों में मत फंस जाना, केवल परमात्मा * इस देश की और संस्कृति की कोई सीमा नहीं है, हर क्षेत्र में हमारे पूर्वजों ने अनेक प्रयोग किये* जिस मार्ग पर चल पड़े फिर उसको पूरा आखिर तक चलो* निषेधात्मक मार्ग से अनुभव होता है, पर इस झंझट में मत पड़ो .10 minute meditation .* सभी इच्छाओं का अंत दुख में होता है* यदि कोई इच्छा उत्पन्न हो जाए तो उसे दृष्टा भाव से देखो* तुम हो, मैं हु और तुम्हारे चरणों में हु* तुम पक्का रखो के ये आखरी जनम है
Jun 22
33 min

* जीवात्मा के विकास में अनेक stages है * धीरे धीरे ये प्रकट होगा कि यहां कुछ भी गलत नहीं हो रहा है* यहां केवल भगवान ही है इस पर आना है* न्यूज में तो अधिकतर नेगेटिव बाते होती हैं * हर किसी के साथ जो हो रहा है - वह सब प्रारब्ध से है * कैसा भी प्रारब्ध आ जाए, आत्मज्ञान के घटने की संभावना हर समय है* हर समय सब प्रकार के लोग होते है* अपने हिस्से में जो कर्तव्य आया है इसको करते रहो, प्रभु का संसार है, बाकी सब वो देख लेंगे* बाधाओं को भी साधन बना लो - तब विकास होता है* प्रार्थना करते रहो - प्रभु इस बार तो पूर्ण कृपा कर दो* सब काम बन जाएगा - जब जन्म ही इस बात के लिए मिला है
Jun 20
19 min

* सात्विकता के अधिक होने का प्रयास करो, परंतु सात्विक प्रधान में " मुझे ज्ञान हो गया " यह भ्रम हो जाता है* गुरु बनने की ललक बड़ी खतरनाक* सात्विकता बढ़ने पर कई सिद्धियाँ आ जाती है* तीन इच्छाएं प्रमुख होती है -करने की जानने कीपाने की* त्रिगुणतीत के लिए प्रकृति के गुण प्रभावहीन हो जाते है* समाधि का अर्थ है जिसकी बुद्धि समता में आ जय* समर्पण घटने पर सब बन जाता है
Jun 16
46 min

* मृत्यु के समय बड़ा भारी पश्चाताप होता है* यह मानव शरीर केवल आत्मज्ञान के लिए मिला है* इस बात के लिए ही पूरे जीवन प्रयत्न * घर छोड़ कर आश्रम मत चले जाना* अपने कर्तव्य को करते हुए यह लक्ष्य प्राप्त हो जाता है* वासनाएं रुकावट डालती है, भगवत गीता से जुड़े रहने से ये हार जाएंगी* अपने दोष और दूसरो के गुण देखो* गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के नाम पर कामवासना की पूर्ति गलत* जागो और कुछ शरम करो* इंसान बनना सब से मुश्किल काम है
Jun 12
21 min

* हमारा सत्संग All inclusive है * कोल्ड ड्रिंक्स हमारे देश में हानिकारक चीजों से बेची जा रही है* व्हाइट शुगर सफेद जहर है* भारतीय देसी गाय का दूध ही उत्तम* शरीर तो स्वस्त रहे भगवत प्राप्ति के लिए* कैंसर बढ़ता जा रहा है देश में * ऐसी बातों को बताना चाहिए आत्मकल्याण के लिए
Jun 11
11 min
Load more
