Gaagar Me Saagar
Gaagar Me Saagar
Bandana Modi
हिंदी कविता: आजकल मैं मन का करती हूँ
4 minutes Posted Mar 6, 2021 at 5:30 am.
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जीवन की तीसरी अवस्था में जब हम अपनी जिम्मेदारियों से निश्चिन्त हो जाते है तब स्वयं की ओर लौटने की प्रेरणा देती, अपने मन को परिंदा बनाके अपनी छोटी छोटी ख्वाहिशों को भरपूर जी लेने की तमन्ना जगाती, स्वयं को स्वयं से मिलाती, अपने मन का कर लेने को उकसाती एक लाजवाब छोटी सी कविता।