Gaagar Me Saagar
Gaagar Me Saagar
Bandana Modi
हिंदी कविता: बसंती हवा
4 minutes Posted Feb 27, 2021 at 5:30 am.
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ऋतुराज बसंत में चलने वाली हवा को इस कविता में एक चंचल, अल्हड़, नटखट, शोख किशोरी की तरह प्रस्तुत किया गया है। जिस प्रकार बसंत ऋतु की मादकता से हर प्राणी उल्लास और उमंग से भर जाता है, बावरा सा हो जाता है ठीक उसी प्रकार हवा पर भी बसंत का असर हो गया है और वह भी बावरी हो गई है।