हिंदी शायरी भाग -1
हिंदी शायरी भाग -1
deepak swami
चलिए चलते है शायरी के एक नए आयाम में है, सिली हवा है तो नीला अंबर भी, स्याह रात है और चांद भी।।
तेरी यादों का अजाब
कभी खोया है किसी को, एक पल जो हाथ में हाथ था, कभी छोड़ा है उस को,  है कभी कभी वक्त के सितम होते है ऐसे की ये सब हो जाता है, अगर आप भी इस दर्द से गुजरे है तो चलिए आप के दिल की आवाज क्या है, सुनते है उसे, मेरे शब्दों में .....
Dec 30, 2020
7 min
तुम्ही ने चुना था
कुछ इच्छाएं जब तीव्र होती है और हम जाने अनजाने, बिना परिणाम की चिंता किये निर्णय ले लेते है।   ऐसे ही सब निर्णय के परिणाम जरूरी नहीं की अनुरूप हो, या प्रतिरूप हो, पर चुनाव करने के बाद उस से उत्पन्न होने वाले सभी घटनाक्रमों को अपनाना कैसे है, उसी पे यह कवता केंद्रित है।  ‌ आनंद लीजिये आपका उजाला
Dec 14, 2020
4 min
जुदाई
जब भी बेवफा से जुदा होना तो ऐसे होना और कभी मुड़ कर मत देखना।।।
Dec 7, 2020
4 min
कैसेट वाली मुहब्बत
याद है ना, अपने लड़कपन के प्यार को पहली बार कैसेट दे के है अपने जज्बात बताए थे। ओह भूल गए कोई बात नहीं, सुनिए ये छोटी सी कविता और याद करिए।
Dec 6, 2020
5 min
उस ओर की तृष्णा
इस कविता में सुनिए तृष्णा, इस राह की जिस पर हम चलते है।।1
Dec 1, 2020
4 min
फ़ुरसत
फ़ुरसत की शाम, तुम्हारे साथ।
Nov 6, 2020
1 min
पिंजरों के परिंदे
एक सच्चाई पिंजरों में कैद परिंदों की, एक अनकही सच्चाई हम सब की, हो जज्बातों के आगे बेबस है।।
Nov 6, 2020
2 min