Show notes
कुछ इच्छाएं जब तीव्र होती है और हम जाने अनजाने, बिना परिणाम की चिंता किये निर्णय ले लेते है। ऐसे ही सब निर्णय के परिणाम जरूरी नहीं की अनुरूप हो, या प्रतिरूप हो, पर चुनाव करने के बाद उस से उत्पन्न होने वाले सभी घटनाक्रमों को अपनाना कैसे है, उसी पे यह कवता केंद्रित है। आनंद लीजियेआपका उजाला

