कलम से
कलम से
Kalam se
कलम से - ऑनलाइन कवि सम्मेलन- मधु मन मौजी की कविता उन्ही की जुबानी
2 minutes Posted Apr 19, 2020 at 3:58 pm.
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सन्नाटे नहीं होंगे हावी
ताल गीत झनकार के
ये वादा हिन्दुस्तान से
है वादा सारे जहान से

कामयाब नहीं होने देंगे
दुष्ट चीनी साजिशों को
संयम सेवा दवा दुआ से
खतम करें विषाणु को

मानवता को करें सुरक्षित
कोशिश हर पुरजोर से
येवादा----------

जप तप व्रत उपवास हमारे
शस्त्र रहें दुष्कालों के
शक्ति का आव्हान करेंगें
रोग हरें सब कलयुग के ।

विश्व गुरु भारत सदियों से
आन बान संग शान से

ये वादा -------

शत्रु सुन्दर सृष्टि के ये
भूख मिटाते जीवों से
हिंसा करके नाचें गायें
नित ही खेलें प्रकृति से

विपरीत बुद्धि हो जाती है
पल जो आयें विनाश के

ये कहते --------
ये कहते -------

मधु मन मौजी
मौलिक प्रस्तुति ।


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