
होली प्रेम और श्रृंगार का प्रतीक है...प्रेमचंद जी ने किस खूबसूरती के साथ विरह के बाद प्रेम को होली के साथ जोड़ा, इसका अन्दाजा तो ये कहानी सुनकर ही लगाया जा सकता है।
Dec 14, 2020
17 min

पत्थर दिल भी नेक दिल हों, हां ऐसा होना मुमकिन है...प्रेमचंद शायद ये भी बखूबी जानते थे। सुनिए उनकी इस कहानी की बाबत ।
Oct 3, 2020
14 min

मुंशी प्रेमचंद की बेहतरीन कहानियों में से एक - बड़े भाई साहब। कम से कम मैं तो अपने बचपन के दौरान इसमें से बहु कुछ देख चुका हूं... पेश है, दूसरा और अंतिम भाग।
Aug 21, 2020
18 min

मुंशी प्रेमचद की बेहतरीन कहानियों में से एक - बड़े भाई साहब। कम से कम मैं तो अपने से बड़ों में अपने बचपन के दौरान इसमें से बहुत कुछ देख चुका हूं...पेश है, पहला भाग !
Aug 21, 2020
14 min

दूसरा और अंतिम भाग, सुनिए... आज भी हमारी सोच दशकों पुरानी ही है। प्रेमचंद की ये कहानी साबित करती है कि भले ही वक्त बदल गया हो, फिर भी फॉर्मेट ही बदले हैं...लोगों की सोच बदली हो! ये कहना मुश्किल है।
Jun 11, 2020
10 min

सुनिए आज भी हमारी सोच दशकों पुरानी ही है। प्रेमचंद की ये कहानी साबित करती है कि भले ही वक्त बदल गया हो, फिर भी फॉर्मेट ही बदले हैं...लोगों की सोच बदली हो! ये कहना मुश्किल है।
Jun 11, 2020
14 min

प्रेमचंद मेरी आवाज़ में...श्रृंखला की कहानी 'ठाकुर का कुआं' बरबस आज भी कई गांवों की तस्वीर पेश करती है।
May 30, 2020
12 min
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