कविताएं - कुछ तजुर्बे, कुछ किस्से; कुछ आपके, कुछ मेरे हिस्से।
कविताएं - कुछ तजुर्बे, कुछ किस्से; कुछ आपके, कुछ मेरे हिस्से।
Kanishka Singh
कविता - "काला"
2 minutes Posted Jul 14, 2020 at 10:34 am.
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भेद - भाव करना, एक को अच्छा कहना, दूसरे को बुरा बताना, क्यों ऊंच- नीच करता है ज़माना? सबकी अपनी खासियत होती है, बेहतर जो खुद को बनाती है। छोड़ो ये सब अच्छा - बुरा बताना, हर एक विशिष्टता का करके तो देखो सरहाना!