कविताएं - कुछ तजुर्बे, कुछ किस्से; कुछ आपके, कुछ मेरे हिस्से।
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Kanishka Singh
कविता - "अपेक्षा या आशा? "
3 minutes Posted Jul 4, 2020 at 8:39 pm.
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अपेक्षाओं की कोई सीमा नहीं होती और ना ही वह सही मायने में कभी पूरी की जा सकती हैं, वह हमें परिणाम मात्र तक संकुचित कर देती हैं। परन्तु आशा, हमेशा लगे रहने के लिए उत्साहित करती है।