कविताएं - कुछ तजुर्बे, कुछ किस्से; कुछ आपके, कुछ मेरे हिस्से।
Kanishka Singh
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कविता - "आज"
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Posted Jul 3, 2020 at 8:20 pm.
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जो आज है, बस वही सिर्फ़ अपने पास है। जो अब बीत गया उसको वापस लाया नहीं जा सकता और क्या आने वाला है, यह बताया नहीं जा सकता। इसीलिए, आज को जीकर देखो तुम ज़रा, पाता चले शायद की जीवन कितना खास है!
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