Stories from the Heart कहानियाँ जो दिल से निकलें और दिल पर दस्तक दें ----
Stories from the Heart कहानियाँ जो दिल से निकलें और दिल पर दस्तक दें ----
Shradha Pandey
स्वागत है आप सभी का stories from the heart by shradha pandey podcast par जहाँ मिलती हैं ऐसी कहानियाँ जो विचारों जज्बातों उम्मीदों संभावनाओं से भरी होती हैं, ऐसी कहानियाँ जो आपकी हमारी व हमारे परिवार तथा समाज से जुड़ी हों , जो तोड़ देती हों सारी दीवारें, चुरा ले जाती हों आपसे आप को और अपने आगोश में बैठाकर आप से गुफ्तगू करती हैं । अगर आपको मेरी कहानी अच्छी लगे तो [email protected] पर मुझसे जुड़िये /Emotions, Relationship, Life and Times, my stories:my voice.
पराया धन / Paraya Dhan
 रानी बिना खाए सो गई। उसके खाने या न खाने की चिंता करने वाला कोई नहीं था। रात के गहरे सन्नाटे में वह सोच रही थी-क्यों लोग बच्चों के बड़े होने का आशीर्वाद देते हैं? छोटे रहते हैं तो कहना मानते हैं, हम जैसों के लिए तो बड़े काम के साबित होते है। दुनिया तभी तक दया दिखाती है जब तक छोटे बच्चे गोद में हों वरना ----
Sep 5, 2022
10 min
आज़ादी का अमृत महोत्सव / Azadi ka Amrit Mahotsav
स्नेहलता जी द्वारा लिखित आज़ादी का अमृत महोत्सव बहुत ही सुन्दर कहानी है। बड़े ही कम शब्दों में स्नेहलता जी ने पूरी कहानी को समेटकर बाल मन की जिज्ञासा को शांत करने का सुंदर प्रयास किया है। #KahaniByShradha  #AzadiKaAmritMahotsav  
Aug 13, 2022
17 min
अफसर की माता जी / Afsar ki Mata Ji
अफसर की माता जी एक व्यंगात्मक कहानी है जो आप सभी को जरूर अच्छी लगेगी। #KahaniByShradha 
Jun 28, 2022
10 min
टीस / Tees
प्रायः आपको अपने आस-पास ऐसी स्त्रियाँ मिल जाएँगी जो परिवार के हित के लिए सब कुछ स्वाहा करके भी खाली हाथ रह जाती हैं। यदि आवाज़ उठाती हैं तो न जाने कितने विशेषणों से परिभाषित की जाती हैं और चुपचाप सहती जाती हैं तो स्वयं कुंठा का शिकार होती रहती हैं। आवश्यकता है तो संतुलन की। इस संतुलन को बनाए रखने में सभी का योगदान होना चाहिए न कि केवल और केवल स्त्री का।  मेरी टीेस कहानी ने आपको भी टीस का अहसास कराया हो तो अपने कहानी सुनने के शौकीन मित्रों के साथ सांझा जरूर कीजिएगा तथा अपने विचार [email protected]  पर लिखने का कष्ट कीजिएगा। जल्द ही मिलेंगे अपनी लिखी एक और कहानी के साथ    तब तक आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में---
Jun 12, 2022
16 min
भाग्य विधवा का / Bhagya Vidhva Ka
जब आँसुओं ने सारे बंधन तोड़ दिया तो एक सुनसान स्थान पर गाड़ी रोक कर फूट-फूट कर रोने लगी। थोड़ा मन हल्का हुआ तो कार स्र्टाट की और चल पड़ी अपनी वीरान दुनिया में जहाँ धोखे का सन्नाटा पसरा था। पूरे रास्ते सोचती रही कि सचमुच मुझसे तो वह विधवा भाग्यशाली है जिसके प्यार का कोई नाम था, जिसके नाम को वह गर्व से ले सकती है। प्रतिक्रिया हेतु [email protected]  पर संपर्क कीजिए --
May 13, 2022
12 min
और चिट्ठी पहुँच गई/ Aur Chitthi Pahunch gai
मासूम बच्चे और बच्चों के मासूम से सवाल-जवाब। उनकी दुनिया में हर चीज निराली होती है। कई बार वे अपने कारनामों से सभी को अनुत्तरित कर देते हैं। मैंने बच्चों के मन को जानने की कोशिश की है। इस कोशिश में कहाँ तक सफल हो पाई हूँ  यह निर्णय आप श्रोताओं पर छोड़ती हूँ । 
Apr 22, 2022
25 min
पाती प्यार भरी/ Pati Pyar Bhari
इंटरनेट के समय में पत्र लगभग समाप्त हो गए जबकि पत्र की मिठास वही समझ सकता है जिसने इसका स्वाद चखा हो। मैंने कहानी के द्वारा उस अनुभव को आप सभी लोगों के सामने लाना चाहती हूँ। इस कहानी को सुनिए और कहानी की दुनिया में खो जाइए ---
Mar 17, 2022
13 min
घुटन / Ghutan
ये कहानी मेरे पिता रमाशंकर की ही नहीं बल्कि मध्यमवर्गीय परिवार के हर उस लड़के की है, जो आँखों में हसीन रंगों के सपने सजाए अपनी जिंदगी की शुरुआत करता है। आसमान को मुट्ठी में भरने की ताकत रखने वाले हर युवक की कहानी अपनों की जरूरत से शुरू होकर इन्हीं जरूरतों को पूरा करते-करते यहीं कहीं खो जाती है। #KahaniByShradka 
Mar 2, 2022
13 min
Curfew / कर्फ्यू
स्कूल में जब बच्चे छोटे होते हैं तब उनके लिए जाति-पाति, ऊँच-नीच में कोई भेद-भाव नहीं होता। फिर अचानक क्या हो जाता है कि सारी चीज़े जाति-पाति, ऊँच-नीच पर आकर ठहर जाती हैं? एक सच्ची कहानी ----
Feb 17, 2022
14 min
Kash / काश
जिस माला को अपनी माँ से बेहद नफरत थी उसी माला को आज माँ से प्यार हो गया था। एक समय था जब माँ की शेरनी जैसी आँखें हर-क्षण, हर-पल उसकी निगरानी किया करती थी। माँ की छत्र-छाया में  निर्बाध घूमती-फिरती उसने कब बचपन की दहलीज पार करती जवानी मे कदम रख दिया, पता ही नहीं चला। समझदारी-नासमझी के बीच, बचपन व यौवन के बीच उससे ऐसा अपराध हो गया जिसे वह समझ ही नहीं पाई। अपने ही हाथों अपने पिता का वध करके वह ऐसे खड़ी थी मानों उसने कुछ किया ही नहीं हो।
Jan 30, 2022
13 min
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