Sach Honge Sare Sapne by Vikas Kumar
Sach Honge Sare Sapne by Vikas Kumar
sach honge sare sapne
मैं हर रोज कुछ नया सीख कर अपने आप में सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं और इस बंदी में अपना कुछ अक्लमंदी लगा के आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं। मैंने इसी बंदी में ही अपने अंतरात्मा से बात की और अंतर्मन कि आवाज सुन कर लिखना और सुनाना शुरू किए हूं। जान लो अपने आप को, जो मिल न सका इस पहचान को। चलो कुछ सीखे इस बंदी में, वरना समय निकाला जाएगा आने वाला मंदी में।
मां एक अनमोल रत्न!
दोस्तों आज हमारी मां का दिन है,तो आपसे निवदन है आज का दिन आप अपने मां के नाम कर दीजिए क्योंकि वर्ष का हर दिन तो वो हमारे नाम कर देती है।।🙏🙏
May 10, 2020
8 min