मैं हर रोज कुछ नया सीख कर अपने आप में सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं और इस बंदी में अपना कुछ अक्लमंदी लगा के आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं।
मैंने इसी बंदी में ही अपने अंतरात्मा से बात की और अंतर्मन कि आवाज सुन कर लिखना और सुनाना शुरू किए हूं।
जान लो अपने आप को,
जो मिल न सका इस पहचान को।
चलो कुछ सीखे इस बंदी में,
वरना समय निकाला जाएगा आने वाला मंदी में।