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फेसबुक ने अपना नाम बदलकर मेटा (Meta) कर लिया है. अब व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और मैसेंजर जैसे ऐप्स पर भी मेटा की ब्रांडिंग दिखना शुरू हो गई है, तो इस मेटा को लाने के पीछे क्या कारण हैं. कौन से नए फ़ीचर्स और टेक्नोलॉजी पर इसके ज़रिए काम होगा और डेटा सुरक्षा को लेकर क्या चिंता बढ़ गई हैं? कहीं फेल तो नहीं हो जाएगा ज़करबर्ग का ये नया कॉन्सेप्ट? सुनिए सबका मालिक टेक के इस एपिसोड में मानस तिवारी, मुन्ज़िर अहमद और सिमरन श्रीवास्तव के साथ.



