Show notes
जब ऑफिस का चपरासी गरीब मेहनत करता, सभी की जीहुजूरी बजाता, कभी भी गैर हाजिर नहीं होता तो सभी उसपर घुड़कियां देते, डांटते। लेकिन जब देवता को संतुष्ट करना सीख लिया, क्योंकि उसे अपनी प्रतिष्ठा का गुर हाथ लग गया था। उसके नाम में भी परिवर्तन हुआ ।अब वह गरीब से गरीबदास बन गया। अब न उसे घुड़कियाँ मिलती, ना ज्यादा दौड़ना पड़ता और न ही सहयोगियों के कटुवक्या सुनने पड़ते। फिर भी क्यों वो प्रतिष्ठा का मार्ग पतन का मार्ग दिखाई दिया। जानने के लिए सुनिए ये कहानी- समस्या!!!!!

