
दिल नही लग रहा, कोई तरकीब बताओ ना। Written & Narrated by: RJ Prabhat
Dec 30, 2020
1 min

दूर से आए थे साक़ी सुन के मय-ख़ाने को हम
बस तरसते ही चले अफ़्सोस पैमाने को हम
• नज़ीर अकबराबादी
Oct 1, 2020
1 min

चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों
न मैं तुम से कोई उम्मीद रखूँ दिल-नवाज़ी की
न तुम मेरी तरफ़ देखो ग़लत-अंदाज़ नज़रों से
न मेरे दिल की धड़कन लड़खड़ाए मेरी बातों से
न ज़ाहिर हो तुम्हारी कश्मकश का राज़ नज़रों से
• साहिर लुधियानवी
Oct 1, 2020
1 min
