Pradeep Soni
Pradeep Soni
Pradeep Soni
Lekhshala: Express the inexpressible
फ़ैन होय हा ।। पंजाबी कविता ।। लेखशाला
कभी कभी ज़िंदगी कि राहों में ख़्याल अक्षर हो जाते है. समय के किसी दौर में दिल्ली से बैंगलोर जाते हुए ट्रेन कि सामने वाली सीट पर बैठी कन्या कि ख़ूबसूरती को चिन्हित करती चंद पंक्तियाँ.
Apr 4, 2021
8 min
पोथी: हरियाणवी कविता
हरियाणवी भाषा में एक छोटा सा प्रयास 🙏
Mar 29, 2021
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