
rafta rafta sab tasvīreñ dhundlī hone lagtī haiñ
kitne chehre ek purāne album meñ mar jaate haiñ
Taswiren, Waqt ko qaid karne karne ka nayab tarika.
Jan 19, 2024
5 min

जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता
मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता
ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना हामी भर लेना
बहुत हैं फ़ाएदे इस में मगर अच्छा नहीं लगता
मुझे दुश्मन से भी ख़ुद्दारी की उम्मीद रहती है
किसी का भी हो सर क़दमों में सर अच्छा नहीं लगता
बुलंदी पर उन्हें मिट्टी की ख़ुश्बू तक नहीं आती
ये वो शाख़ें हैं जिन को अब शजर अच्छा नहीं लगता
ये क्यूँ बाक़ी रहे आतिश-ज़नो ये भी जला डालो
कि सब बे-घर हों और मेरा हो घर अच्छा नहीं लगता
Jan 17, 2024
1 min

नमस्कार दोस्तों, बहुत दिनों के बाद आपके बीच पेश कर रही हूं केदारनाथ सिंह जी की लिखी कविता 'उस आदमी को देखो' जीवन से भरपूर यह कविता आपको उम्मीद करती हूं पसन्द आएगी।जल्द मिलेंगे एक नई रचना के साथ।
Nov 1, 2022
2 min

कविता : खाना बनाती स्त्रियां
। कवि : कुमार अम्बुज।
प्रस्तुति : नेहा गुलाटी सबरंग
Mar 8, 2022
3 min
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