Show notes
कदम भले ही छोटे अपनेमन को विस्तार बनाएंगे।लक्ष्य को अपने पाने को आगे ही बढ़ते जाएंगे।पंथ में जितना क्रन्द मिले नहीं कभी घबराएंगे हैं ।कभी नहीं पैरों को अपने फिर से पीछे लाएंगे।समय को बहुमूल्य समझ कभी नहीं हम गवाएंगे।अपने मस्ती में हम होंगेफक्कड़ मस्त कहाएंगे।मंजिल पर अपने जाने को हर पल आतुर हो गाएंगे।आज नहीं तो कल ही सही हम दीवाने पहुंच ही जाएंगे।MUKESH KUMAR SONINET Qualified in YogaM.A. in Yoga,M.A. in Hindi,Post Graduate in Yoga and NaturopathyM-9836783469,9088102430



