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टेलिकॉम कंपनियों पर एजीआर की देनदारी 93 हाज़ार करोड़ रुपयों से ज़्यादा हैं. कंपनियों का ये भुगतान करना घाटे का सौदा होगा. लेकिन सरकार के पास क्या क्या विकल्प है जिससे इस मसले का हल हो सकता है? इस देनदारी से कंपनी और उपभोक्ताओं पर किस तरह का असर पड़ेगा? पूरा मामला जानिए मनी मैनेजर के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर, शुभम शंखध और मनु कौशिक की बातचीत से.



