
क्या कच्चतीवू मामला श्रीलंका के साथ संघर्ष की वजह बन सकता है? इस मामले का भारत और श्रीलंका के संबंधों पर पड़ने वाले असर के बारे में बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल। ब्रज खंडेलवाल देश के वह पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने कच्चतीवू को श्रीलंका के हवाले किए जाने के विरोधस्वरूप सबसे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका डाली थी, जिसे साल 1971 के युद्ध की वजह से लगाए गए आपातकाल की वजह से यह कहकर खारिज कर दिया गया कि उस समय सभी प्रकार के मूल नागरिक अधिकारों पर पाबंदी है। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार।
Apr 23, 2024
1 min

Is there any possibility of taking back the 275 acres of Kachchatheevu island from Sri Lanka? Senior journalist Brij Khandelwal is explaining this matter in detail. He is the first journalist in the country to file a petition in the Delhi High Court against the handing over of Kachchatheevu to Sri Lanka, which was rejected due to the emergency imposed due to the 1971 war. All types of basic civil rights were restricted. Dharmendra Kumar, editor of Mediabharti.net is talking to him…
Apr 22, 2024
3 min

गठबंधन के बावजूद, दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी एकदूसरे को नीचे की ओर खींचने में लगे हुए हैं और इसका पूरा फायदा पहले से ही बहुत ज्यादा मजबूत भारतीय जनता पार्टी को मिलना तय है। खास तौर पर, दक्षिणी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीटों पर चल रही इस राजनीतिक कश्मकश को बयां कर रहे हैं, जीइंडियान्यूज.कॉम के संपादक ललित सिंह गोदारा। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के
संपादक धर्मेंद्र कुमार।
Apr 22, 2024
5 min

लोकसभा चुनावों के बाद नीतीश का हाल क्या होगा..., बता रहे हैं प्रख्यात राजनीतिक टिप्पणीकार पारस नाथ चौधरी। पारस नाथ चौधरी हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया संस्थान से जुड़े रहे हैं व बिहार के मामलों पर अच्छी समझ रखते हैं। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार।
Apr 19, 2024
1 min

प्रशांत किशोर एक बेहतरीन विश्लेषक हैं, लेकिन क्या वह कोई राजनीतिक आंदोलन खड़ा करने की कुव्वत रखते हैं…, बता रहे हैं प्रख्यात राजनीतिक टिप्पणीकार पारस नाथ चौधरी। पारस नाथ चौधरी हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया संस्थान से जुड़े रहे हैं व बिहार के मामलों पर अच्छी समझ रखते हैं। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार।
Apr 16, 2024
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इस बार के लोकसभा चुनावों के दौरान बिहार में मुस्लिम-यादव गठजोड़ कितना कामयाब हो सकता है, बता रहे हैं प्रख्यात राजनीतिक टिप्पणीकार पारस नाथ चौधरी। पारस नाथ चौधरी हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया संस्थान से सेवानिवृत्त हैं व बिहार के मामलों पर अच्छी समझ रखते हैं। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार।
Apr 14, 2024
4 min

राजनीतिक रूप से बिहार में बीते पांच साल काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। इस दौरान बिहार की जनता ने नीतीश कुमार की बीजेपी व राजद जैसे विपरीत स्वभाव वाले दलों के साथ सरकारें देखीं। लेकिन, अब बिहार में एक नए तरह का 'आशावाद' दिखाई दे रहा है। बिहार के मौजूदा माहौल के बारे में विस्तार से बता रहे हैं, प्रख्यात राजनीतिक टिप्पणीकार पारस नाथ चौधरी। पारस नाथ चौधरी हीडलबर्ग विश्वविद्यालय के दक्षिण एशिया संस्थान से जुड़े रहे हैं व बिहार के मामलों पर अच्छी समझ रखते हैं। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार।
Apr 11, 2024
9 min

कच्चतीवू मामले से एक तरफ जहां राष्ट्रवादी राजनीति को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी, वहीं स्थानीय तमिल राजनीति को एक जोरदार झटका भी लग सकता है। इस मामले का तमिल राजनीति पर पड़ने वाले असर के बारे में बता रहे हैं, वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल। ब्रज खंडेलवाल देश के वह पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने कच्चतीवू को श्रीलंका के हवाले किए जाने के विरोधस्वरूप सबसे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका डाली थी, जिसे साल 1971 के युद्ध की वजह से लगाए गए आपातकाल की वजह से यह कहकर खारिज कर दिया गया कि उस समय सभी प्रकार के मूल नागरिक अधिकारों पर पाबंदी है। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र
कुमार।
Apr 5, 2024
3 min

इंदिरा गांधी द्वारा कच्चतीवू द्वीप को श्रीलंका के हवाले कर दिए जाने व बांग्लादेश के साथ हुए सीमावर्ती गांवों के लेन-देन समझौते में क्या अंतर है, तथा मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास इस मामले में उपलब्ध विकल्प और इस मसले को उठाने के पीछे उनकी मंशा के बारे में बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल। ब्रज खंडेलवाल देश के वह पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने कच्चतीवू को श्रीलंका के हवाले किए जाने के विरोधस्वरूप सबसे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका डाली, जिसे साल 1971 के युद्ध की वजह से लगाए गए आपातकाल की वजह से यह कहकर खारिज कर दिया गया कि उस समय सभी प्रकार के मूल नागरिक अधिकारों पर पाबंदी है। उनसे बात कर रहे हैं मीडियाभारती.नेट के संपादक धर्मेंद्र कुमार।
Apr 4, 2024
5 min

Questions are being raised on the timing of PM Narendra Modi raising the Kachchatheevu issue with such aggression. Senior journalist Brij Khandelwal explains this in detail. He is the first journalist in the country to file a petition in the Delhi High Court against the handing over of Kachchatheevu to Sri Lanka, which was rejected due to the emergency imposed during the 1971 Indo-Pakistan war. All types of basic civil rights were restricted at that time. Dharmendra Kumar, Editor, Mediabharti.net is talking to him…
Apr 3, 2024
4 min
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