Show notes
सक्रिय जीवन में सबसे ज्यादा देखे, जांचे और परखे जाते हैं हमारे कर्म। किसी व्यक्ति की स्थिति और पहचान उसके कर्मों से ही बनती है। इन कर्मो के मूल में हमारी वे भावनाएं हैं, जो किसी मनुष्य को मनुष्य बनाती हैं। इसके बावजूद क्या हम सब उसी तरह कर्म कर पाते हैं, जिस तरह एक मनुष्य को करना चाहिए? हेल्थशॉट्स पॉडकास्ट मन की मेधा के इस एपिसोड में लाइफ कोच डॉ मेधावी जैन कर रहीं हैं कार्मिक बैगेज पर बात।

