A song written by Shashi Kant Singh and created with the music and vocals by him only. Copyright/Shashi Kant Sing
Curated by Irfan
"ये मेरी नई और भोजपुरी कंपोजिशन है, पिया परदेसी बिना...
मैं क्षेत्रीय बोली के गीतों जैसे अवधी, भोजपुरी आदि पर एक प्रयोग कर रहा हूं। बड़े लंबे समय से मैं देख रहा हूं कि हमारी क्षेत्रीय बोली के गीतों का कंपोजिशन ऐसे किया जा रहा है, जैसे यह जाहिलों और गवारों का ही गीत हो, या सौत के बेटे को किसी ने उबटन और काजल लगाया हो।
इसीलिए इन गीतों को दूसरी बोली वाले तो क्या सुनेंगे, खुद इन्हीं बोली के लोग इन्हें नहीं सुनते। आखिर क्या वजह है कि पंजाबी और हरियाणवी समझ में ना आने के बावजूद भोजपुरी क्षेत्र में पंजाबी और हरियाणवी सुनी जाती है? हमारे गीतों में ऐसी क्या बुराई है जो दूसरे क्षेत्रों में तो छोड़ो, हमारे ही क्षेत्र के संपन्न वर्ग में नहीं सुनी जाती, जबकि शास्त्रीय गायन के सभी कंपोजिशन हमारी क्षेत्रीय बोलियों में ही हैं, जैसे, का करूं सजनी आए ना बालम, आयो कहां से घनश्याम, मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे, चदरिया झीनी रे झीनी.. ?
मैंने गायन शैली में शालीनता भरी है, प्रयुक्त वाद्य यंत्रों और उनके वादन के तरीकों में थोड़ा परिवर्तन किया है, थोड़ा क्लासिकल टच देने की कोशिश की है।"
Cover: Irfan



