Kumar.Samvad
Kumar.Samvad
Kumar
A new prospective towards society, history and humanity.
5 shabdh
This is a poem written on tha last word of a couple. यह कविता एक जोड़े के आखिरी शब्दों को पिरोती है
Dec 9, 2023
1 min
बैल
It is part of my freeverse "bail". It is about the distopian future of feminism and my reaction to that radical feminism.
May 3, 2023
1 min
बर्फ (हिंदी कविता)
रिश्तों में कमिटमेंट की आवश्यकता को दर्शाने वाली कविता
Nov 30, 2022
2 min
किसी को फर्क नहीं पड़ता है
हिंदी कविता, किसी को फर्क नहीं पड़ता है।
Nov 27, 2022
1 min
वो देवी के दर्शन को मैं उसके दर्शन आता हूं
एक नास्तिक की प्रेम कहानी (love story of a atheist)
Nov 7, 2022
23 sec
रवीश कुमार की स्क्रिप्ट हुई लीक (व्यंग्य)
अजीत भारती का जबरजस्त व्यंग्य
May 20, 2022
5 min
क्रांतिकारी (व्यंग्य)
कुमार संवाद का क्रांतिकारी लेखन पर व्यंग्य
May 19, 2022
1 min
दहेज (हास्य व्यंग्य)
कुमार संवाद का दहेज एक्टिविस्ट्स पर व्यंग्य
May 18, 2022
49 sec
कचरे वाला (कविता)
वास्तव में कचरे वाला क्या है
May 17, 2022
4 min
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