
सकीना हमारे आसपास का ही अफ़साना है ,सुनिए सकीना की सिलसिलेवार कहानी और अपनी राय दीजिए कि सकीना क्या करे ? किस्मत नेे एक बार फिर अशराफ़ के सामने ला खड़ा किया है , क्या सकीना अशराफ़ के साथ चली जाए ? या उसे आईना दिखाए ? किसी नतीजे पर पहुँचने से पहले 1 से 8 तक "सकीना" मक़सद ज़िंदगी का ,अफ़साना की सिलसिले वार किस्त जरूर सुनें अपनी राय भेजें[email protected]
Jun 25
1 min

आज एक बार फिर अशराफ़ सकीना के सामने था । क्या करेगी सकीना ?क्या अशरफ़ सकीना को साथ ले जाएगा?क्या सकीना उसके साथ जाएगी?
Jun 24
6 min

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद ऐसा क्या हुआ जिससे सकीना के लिए सारे रास्ते बंद हो गए थे , मैडम रायज़ादा ने क्या किया कि 10 साल के भीतर सकीना कुछ और ही बन गई ....क्या था सुभान साहब के मेल में जो सकीना को मुसलसल बेचैन किए हुए था , कौन था वो शख्स जो सुभान साहब के साथ स्कूल के जलसे में आने वाला था ......
Jun 24
5 min

ज़िंदगी के तज़ुर्बात ने सकीना को ऐसे सबक सिखाए थे जो उसकी उम्र मुक़ाबले बड़े थे। सारी राहें उसके लिए ला-रास्ता थीं।क्या करे सकीना, कहां जाए सकीनाउसे रहनुमा की ज़रूरत है, बराये मेहरबानी 🙏 उसकी मदद करें, कमेंट्स में अपनी राय लिखें
Apr 22
6 min

हालात सकीना को उस दायरे में ले आए हैं जहां से कोई राह नहीं निकलती, क्या करे सकीना? अपनी राय दीजिए🙏
Apr 22
5 min

कम तालीमयाफ्ता सकीना निकाह के बाद अशरफ़ के साथ गुरुग्राम आ गई । शहर में जिंदगी किस रूप को धर के उसके सामने आई....
Apr 18
5 min

वक़्त जैसा भी हो, बदलता ज़रूर है। बेहद मामूली सी, कम तालीम-याफ़्ता यतीम सकीना निकाह के बाद उस दुनिया में थी जिसके बारे में उसने कभी ख़्वाब में भी नहीं सोचा था। आलीशान हवेली के इकलौते वारिस से निकाह कर जहाँ बेशुमार दौलत और ऐश-ओ-आराम मयस्सर था, वहीं अशरफ़ का रवैया कुछ खिंचा-खिंचा सा था। लेकिन वो सकीना को अपने साथ गुरुग्राम ले आया। गुरुग्राम में वक़्त ने क्या करवट बदली? सकीना व अशरफ़ के ताल्लुक़ात कितनी हसीन हक़ीक़त में बदले.....
Apr 4
5 min

स्कूल के ट्रस्ट्री सुभान साहब ने सकीना को एक मेल भेजा ,मेल पढ़ कर सकीना यक -ब -यक पत्थर सी हो गयी ,उसने आँखें बंद कर लीं, गुज़िश्ता यादों के हुज़ूम ने उसे घेर लिया , कौन थी सकीना ,क्या था उस मेल में कि सब कुछ फिल्म की मानिंद उसकीआँखों के सामने से गुज़रने लगा था........
Mar 23
6 min

सकीना" ( मक़सद ज़िंदगी का)की पहली किस्तकौन है सकीनासुभान साहब के ईमेल में ऐसा क्या था कि यक-बा-यक सकीना हैरान -ओ -परेशान हो गई ।जानने के लिए सुनिये अगले हिस्से
Mar 14
4 min

Bharat ka laal is the memoir of Shri LAL BAHADUR SHASTRI when He was serving as a Railway minister of india .This memoir reflects his principled behavior.Lal Bahadur Shastri (2 October 1904 – 11 January 1966) was an Indian politician and statesman who served as the a prime minister of India from 1964 to 1966.
Oct 4, 2025
4 min
Load more
