
स्वर्णकाक: कथा में एक निर्धन बालिका के लोभ के त्याग से होने वाले सुपरिणाम का वर्णन किया गया । जिसमें बालिका लोभ में ना आकर केवल वही माँगती है जितना उसके लिए पर्याप्त है । परन्तु उसको उसके अच्छे गुणों के कारण जितना वह चाहती है उससे कहीं ज्यादा मिलता है ।
May 11, 2020
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