परमेश्वर की धार्मिकता जो रोमियों में प्रगट हुई - हमारा प्रभु जो परमेश्वर की धार्मिकता बना (II)
परमेश्वर की धार्मिकता जो रोमियों में प्रगट हुई - हमारा प्रभु जो परमेश्वर की धार्मिकता बना (II)
The New Life Mission
Ch14. एक दूसरों का न्याय न करे
16 minutes Posted Dec 8, 2022 at 6:50 am.
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रोमियों १४:१ कहता है, “जो विश्‍वास में निर्बल है, उसे अपनी संगति में ले लो, परन्तु उसकी शंकाओं पर विवाद करने के लिये नहीं।”
पौलुस ने रोम के संतों को चेतावनी दी कि वे एक दूसरे के विश्वास का न्याय या आलोचना न करें। उस समय, चूँकि रोम की कलीसिया में उन दोनों प्रकार के ही लोग थे जो बहुत विश्वासयोग्य थे और जो इतने विश्वासी नहीं थे, वे एक दूसरे के विश्वास की आलोचना करते थे। यदि आपके साथ ऐसा होता है, तो आपको एक-दूसरे के विश्वास का सम्मान करना चाहिए और परमेश्वर के सेवकों के खिलाफ किसी भी आलोचनात्मक व्यवहार से दूर रहना चाहिए। यह परमेश्वर पर निर्भर है, हम पर नहीं, की वह अपने सेवको को उठाए और बनाए।

 

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