परमेश्वर की धार्मिकता जो रोमियों में प्रगट हुई - हमारा प्रभु जो परमेश्वर की धार्मिकता बना (II)
परमेश्वर की धार्मिकता जो रोमियों में प्रगट हुई - हमारा प्रभु जो परमेश्वर की धार्मिकता बना (II)
The New Life Mission
Ch10-2. सच्चा विश्वास सुनने के द्वारा होता है (रोमियों १०:१६-२१)
31 minutes Posted Dec 8, 2022 at 6:52 am.
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उद्धार प्राप्त करने के लिए हमें इन संदर्भो को कैसे समझना और उन पर विश्वास करना चाहिए? आरम्भ से ही न तो धर्मी थे और न ही परमेश्वर को खोजने वाले थे परन्तु सब पापी थे। उनके गले खुली हुई कब्रे थी; उनकी जिब जहरीले सांप की तरह, छल करनेवाली और शाप और कड़वाहट से भरी हुई थी। उनके पाँव लहू बहाने के लिए फुर्तीले थे। वे अपनी आँखों के सामने शान्ति का मार्ग या परमेश्वर के भय को नहीं जानते थे और केवल अपने विनाश और दुःख के मार्ग पर चलते थे। परमेश्वर की धार्मिकता को जानने और उस पर विश्वास करने से पहले हर कोई पापी था, और उन्होंने व्यवस्था के द्वारा यह जाना की वे परमेश्वर के सामने पापी थे।

 

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