परमेश्वर की धार्मिकता जो रोमियों में प्रगट हुई - हमारा प्रभु जो परमेश्वर की धार्मिकता बना (II)
परमेश्वर की धार्मिकता जो रोमियों में प्रगट हुई - हमारा प्रभु जो परमेश्वर की धार्मिकता बना (II)
The New Life Mission
Ch16. एक दूसरों का अभिवादन करे
20 minutes Posted Dec 8, 2022 at 6:49 am.
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प्रेरित पौलुस ने रोम के संतों से और हमें भी, अपने उपसंहार में एक दूसरे को बधाई देने के लिए कहा। इस युग में भी हम पूरे मन से प्रभु में किसे अभिवादन कर सकते हैं? हम उन सेवकों और विश्वासियों को खुशी-खुशी अभिवादन दे सकते हैं जो इस संसार में परमेश्वर के वचन का प्रचार कर रहे हैं। हम उन लोगों के साथ संगति कर सकते हैं जो पानी और आत्मा के सुसमाचार की पुस्तकों को पढ़कर बचाए गए हैं। हमारे पास भी कलीसिया, विश्वासी और परमेश्वर के सेवक हैं जिनका हम मसीह में अभिवादन कर सकते हैं।
चूँकि हर कोई पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास नहीं करता, इसलिए धर्मी जन सभी का अभिवादन नहीं कर सकते। इस दुनिया में ऐसे बहुत से लोग नहीं हैं जिनका हम खुशी से अभिवादन कर सकें। यह केवल खेद की बात है कि ऐसे बहुत से लोग नहीं हैं जो पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करते हैं, जिनका हम अभिवादन कर सकते हैं और उसी विश्वास में सहभागिता कर सकते हैं। हम उन पापियों के साथ संगति नहीं कर सकते जो सांसारिक कलीसियाओं में परमेश्वर के सेवक होने का ढोंग करते हैं।

 

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