परमेश्वर की धार्मिकता जो रोमियों में प्रगट हुई - हमारा प्रभु जो परमेश्वर की धार्मिकता बना ( I )
परमेश्वर की धार्मिकता जो रोमियों में प्रगट हुई - हमारा प्रभु जो परमेश्वर की धार्मिकता बना ( I )
The New Life Mission
Ch3-2. केवल विश्वास के द्वारा पापों से उद्धार (रोमियों ३:१-३१)
58 minutes Posted Dec 8, 2022 at 6:38 am.
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प्रेरित पौलुस कहता है कि व्यवस्था की पूर्ति और परमेश्वर के अनुग्रह का छुटकारा हमें हमारे कर्मो से नहीं, लेकिन विश्वास के द्वारा दिया गया है। हम अपने पापों से उद्धार पाते हैं और परमेश्वर के उद्धार के द्वारा धर्मी बन जाते हैं। “अत: यहूदी की क्या बड़ाई या खतने का क्या लाभ? हर प्रकार से बहुत कुछ। पहले तो यह कि परमेश्‍वर के वचन उनको सौंपे गए। यदि कुछ विश्‍वासघाती निकले भी तो क्या हुआ? क्या उनके विश्‍वासघाती होने से परमेश्‍वर की सच्‍चाई व्यर्थ ठहरेगी? कदापि नहीं!” (रोमियों ३:१-४)।
यहूदी का लाभ यह है कि परमेश्वर का वचन उनके लिए प्रतिबद्ध था। वे अपने पूर्वजों से उसका वचन सुनते हुए जीवित रहे। क्योंकि परमेश्वर ने उन्हें अपना वचन दिया था और यह उनके द्वारा दिया गया था, वे सोचते थे कि वे अन्यजातियों से बेहतर थे। हालाँकि, बाइबल कहती है कि परमेश्वर ने यहूदियों को छोड़ दिया क्योंकि उन्होंने यीशु पर विश्वास नहीं किया जिसने उन्हें उनके पापों से छुड़ाया था।

 

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