
यह एक आंचलिक लघु कथा है। सांझ के समय दिए के जलने से सुबह बुझने तक। उसकी आप बीती है अनुभव, ख्वाइश और दर्द है।
Jan 4, 2021
5 min

हरदिन के उलझनों के बीच भी सब कुछ चल रहा होता है । लेकिन ऐसा लगता है कि ज़िन्दगी रुक गयी है. वो उत्साह खत्म से हो गया लगता है.
Dec 13, 2020
1 min
