Show notes
दुष्यंत कुमार त्यागी, छोटी सी उम्र के दिग्गज शायर की ग़ज़ल है इस एपिसोड में। सत्तर के दशक में आक्रोशित, अपने ही देश मे अपने ही नेताओं द्वारा जनता छली हुई जनता के मन की बात कह जाने वाले युवा कवि ने अपनी कविताओं में सत्ता के प्रति तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। आम भाषा मे साधारण व्यक्ति का प्यार भी अति साधारण उपमाओं के जरिये लिखा है। आइये सुनते हैं।

