Farzi Khabar - सच का सबक
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Exposed 5! क्या बॉट्स की वजह से सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी खबरें फैलने की बढ़ी है गति? Has the pace of the
3 minutes Posted Jun 8, 2020 at 7:04 am.
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1990 के दशक के मध्य में , निकोलस नेग्रोपोंटे ने एक ऐसी दुनिया की आशा की थी जहां प्रौद्योगिकी के माध्यम से समाचार व्यक्तिगत हो जाएंगे ।
बॉटस (bots) ने इसे संभव करने में एक यहां भूमिका निभाई।
1996 की अपनी पुस्तक बीइंग डिजिटल में उन्होंने एक डिजिटल जीवन की भविष्यवाणी की थी , जहां समाचार उपभोग एक अत्यंत व्यक्तिगत अनुभव बन जाता है और समाचार पत्र पाठक के अनुसार अपनी सामग्री में बदलाव लाते हैं ।
यह भविष्यवाणी आधुनिक दिन के समाचार और सोशल मीडिया फीड को देखते हुए सार्थक साबित हुई है।
कैसे बढ़ाते हैं बॉट्स (bots) फ़र्ज़ी खबर फैलाने की गति?
किसी लेख की प्रामाणिकता को ध्यान में ना रखते हुए, यह बॉट्स (bots) निर्धारित करने के लिए एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं कि कौन से लेख और जानकारी विशिष्ट उपयोगकर्ताओं को पसंद हैं।
बॉट्स (bots) बड़े पैमाने पर लेखों का उत्पादन और प्रसारण करते हैं ।
सूत्रों की विश्वसनीयता की परवाह ना करना , बॉटस (bots) को नकली समाचार को बड़े पैमाने पर फैलाने में एक आवश्यक भूमिका निभाने की अनुमति देता है।
बॉट्स (bots) का वेब पर नकली खाते और व्यक्तित्व बनाने में सक्षम होना जो कि धीरे धीरे मान्यता और अधिकार प्राप्त कर रहे होते हैं , यह फ़र्ज़ी खबरों के बढ़ने की गति और बढ़ा देता है ।
साथ ही साथ इंटरनेट पर फैले लगभग 30% स्पैम और कंटेंट इन सॉफ्टवेयर बॉट्स (bots) से ही उत्पन्न होते हैं