Dinesh Mohan
Dinesh Mohan
Deepa Mohan
मेरी रचनाएं, मेरी अनुभूति और मै
शाम-ए-गज़ल (भाग -2)
शाम -ए- गज़ल का दूसरा भाग भी समर्पित है, कुछ चुनिंदा गज़लों को... 
Aug 20, 2020
44 min
शाम-ए-गज़ल (भाग -1)
शाम-ए-गज़ल  एक tribute ,remembrance है ,कुछ चुनिंदा गज़लों का , जो बेहद ही खुबसूरत हैं।अलग-अलग भागों में , मैं आपके लिए अलग-अलग तरह की खुबसूरत गज़लें लेकर आऊँगी। आप उनका लुत्फ उठाइएगा।
Aug 18, 2020
36 min
आज के समाज की सच्चाई
एक सीधा साधा बंदा इस समाज से नहीं टकरा सकता
Jul 18, 2020
1 min