
Teri Rehmato Ka Dariya (तेरी रेहमतो का दरिया)
Lyrics: https://anjuthakur.com/lyrics/teri-rehmato-ka-dariya-lyrics/
Apr 5, 2021
21 min

श्री कृष्ण की ये 5 बातें आपकी जिंदगी के 50 साल बदल देगी - by Lord Krishna
Feb 28, 2021
10 min

आत्मा क्या है ? ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्य - By Lord Krishna
Feb 27, 2021
7 min

"मैं समय हूँ"-Episode 01 । श्री कृष्णा, भविष्यवाणी! हुए सत्य पर क्या है वो? Shree Krishna Stories.
हिरदा भीतर आरसी, मुख देखा नहीं जाई ।
मुख तो तौ परि देखिए, जे मन की दुविधा जाई ॥
अर्थ :- संत कबीर जी कहते है कि मनुष्य के ह्रदय में ही आइना होता है लेकिन वह खुद को या वास्तविकता को नहीं देख पता है। वह खुद को या वास्तविकता को तभी देख पता है जब उसके मन की दुविधा अथार्थ संकट ख़त्म हो जाती है। अथार्थ चिंता अथवा मन का कास्ट ऐसा चीज़ है जो मनुष्य को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है। इतना की व्यक्ति खुद की पहचान भूलने लगता है। इसलिए चिंता से हमे बच कर रहना चाहिए। ___________________________
Feb 26, 2021
9 min

Shree Krishna Geeta Updesh Compilation Part 09 | श्री कृष्ण वाणी | Krishna Seekh Motivational Speech
Shree Krishna Geeta Updesh Compilation Part 09 | श्री कृष्ण वाणी | Krishna Seekh Motivational Speech
___________________________ संत ना छाडै संतई, जो कोटिक मिले असंत चन्दन भुवंगा बैठिया, तऊ सीतलता न तजंत। अर्थ :- सज्जन को चाहे करोड़ों दुष्ट पुरुष मिलें फिर भी वह अपने भले स्वभाव को नहीं छोड़ता। चन्दन के पेड़ से सांप लिपटे रहते हैं, पर वह अपनी शीतलता नहीं छोड़ता। ___________________________
Feb 25, 2021
42 min

Shree Krishna Geeta Updesh Compilation Part 07 | श्री कृष्ण वाणी | Krishna Seekh Motivational Speech
Shree Krishna Geeta Updesh Compilation Part 07 | श्री कृष्ण वाणी | Krishna Seekh Motivational Speech
_________________________ धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय। अर्थ :- मन में धीरज रखने से सब कुछ होता है। अगर कोई माली किसी पेड़ को सौ घड़े पानी से सींचने लगे तब भी फल तो ऋतु आने पर ही लगेगा ! ___________________________
Feb 24, 2021
43 min

Shree Krishna Geeta Updesh Compilation Part 06 | श्री कृष्ण वाणी | Krishna Seekh Motivational Speech
Shree Krishna Geeta Updesh Compilation Part 06 | श्री कृष्ण वाणी | Krishna Seekh Motivational Speech
_________________________ सब पापन का मूल है, ऐक रुपैया रोके साधुजन संग्रह करै, हरै हरि सा ठोके। विलासिता हेतु एक रुपये का संचय भी पाप का मूल कारण है। परमेश्वर अपने सम्पुर्ण कोष संतो ंके संग्रह हेतू सब कुछ समर्पित कर देते है। _______________________
Feb 23, 2021
42 min

जीवन के सभी प्रशनों के उत्तर। Shree Krishna Geeta Updesh
_________________________ अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप, अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप। अर्थ :- न तो अधिक बोलना अच्छा है, न ही जरूरत से ज्यादा चुप रहना ही ठीक है। जैसे बहुत अधिक वर्षा भी अच्छी नहीं और बहुत अधिक धूप भी अच्छी नहीं है। __________________________
Feb 22, 2021
42 min

आखिर प्रेम और आकर्षण में अंतर क्या है ?| Love, Attraction and Life
_________________________ रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाये टूटे से फिर ना जुटे जुटे गाॅठ परि जाये । प्रेम के संबंध को सावधानी से निबाहना पड़ता है । थोड़ी सी चूक से यह संबंध टूट जाता है । टूटने से यह फिर नहीं जुड़ता है और जुड़ने पर भी एक कसक रह जाती है। __________________________
Feb 21, 2021
44 min

मनुष्य का मन उसकी हार का सबसे बड़ा कारण हैं!_मन को मुक्त करें | Krishna Geeta Gyan By Ziggy Learner.
मनुष्य का मन उसकी हार का सबसे बड़ा कारण हैं!_मन को मुक्त करें | Krishna Geeta Gyan By Ziggy Learner.
_________________________ कबहुुक मन गगनहि चढ़ै, कबहु गिरै पाताल कबहु मन अनमुनै लगै, कबहु जाबै चाल। कबीर की इसी बात को ध्यान में रख कर चलिये देखते है, भगवान श्री कृष्ण क्या कहते हैं। __________________________
Feb 20, 2021
1 min
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