Storytel Bolti Kitabein: बोलती किताबें...
Storytel Bolti Kitabein: बोलती किताबें...
Storytel India
'बोलती किताबें' बुक्स और ऑडियो बुक्स के बारे में एक पोडकास्ट हैं जिसमें हम बतियाते हैं उन किताबों और क़िस्से कहानियों के बारे में जो आप स्टोरीटेल पर सुन सकते हैं, और उनके बारे में भी जो स्टोरीटेल पर अभी नहीं हैं. अगर आपको किताबें पसंद हैं और कहानियों का जादुई संसार आपको खींचता है तो बतकही का यह अड्डा समझिये आपके लिए ही है. 'बोलती किताबें' में कभी हम किताबों की रिव्यू करते हैं, कभी लेखकों और वायस आर्टिस्ट्स से गप्पें लगाते हैं, कभी आपको किसी ऑडियो बुक की झलक सुनवाते हैं यानि कुल मिलाकर पुस्तकप्रेमियों और कहानियाँ सुनने सुनाने वालों का एक ठिकाना है यह. उम्मीद है आप भी इस गपशप में शामिल होंगे. अगर आप किसी ख़ास किताब के बारे में या किसी ख़ास लेखक या वायस आर्टिस्ट को 'बोलती किताबें' में सुनना चाहते हैं हमें ज़रूर बतायें. स्टोरीटेल पर अपना फ़्री सब्सक्रिप्शन आज ही शुरू करें: http://www.storytel.com/hindi
80: मैं कोई "अच्छा इंसान" नहीं हूँ लेकिन अभी अच्छा काम कर रही हूँ : कोविड-योद्धा  अणु शक्ति सिंह
हिंदी की प्रसिद्ध उपन्यासकार अणु शक्ति सिंह अपने ऑफ़िस से छुट्टी लेकर कोविड पीड़ितों की मदद के काम में पूरे कमिटमेंट और पैशन से जुटी हुई हैं. जिस तरह का काम वो कर रही हैं उसके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए हम यह बातचीत उन सब लोगों के नाम करते हैं जो अणु की तरह बहादुरी और प्यार की इस प्रेरक वर्चुअल मानव शृंखला से जुड़े हुए हैं और जुड़ते जा रहे हैं.
May 6, 2021
27 min
79: मिलिये स्टोरीटेल के पहले ओरिजिनल हिंदी ऑडियो ड्रामा के राइटर्स दीपा और श्रीकांत से
इस पोडकास्ट में हम बात कर रहे हैं हमारे पहले ओरिजिनल ऑडियो ड्रामा 'फिर मिलेंगे की' जिसके ख़ास आकर्षण हैं सेहबान अज़ीम.  इसकेलेखक दीपा गणेश और श्रीकांत अग्नीश्वरण बात कर रहे हैं एडिटर क्रियेटर सुरोमिता रॉय से इसकी कहानी, इसके संगीत और ऋषि-पायल की उस  अद्भुत प्रेमगाथा की,  कोलकाता से पेरिस और न्यूयॉर्क के उसके गुनगुनाते सफ़र  की. ऋषि की कविता, पायल की आवाज़ यानि प्यार का संगीत. आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे?  email: [email protected] स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ जाएँ. अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए.
Jul 8, 2020
37 min
78: सेलेब्रिटीज़ का किताबें नैरेट करना इंडिया में भी कॉमन होता जायेगा:  सुकीर्ति शर्मा
हम सब के जीवन में एक अप्रत्याशित आपदा की तरह कोरोना संक्रमण के आने से पहले हमने 'बोलती किताबें' में स्टोरीटेल इंडिया में पब्लिशर सुरोमिता रॉय और ऑडियो प्रोडक्शन मैनेजर राहुल पाटिल के साथ बातचीत की थी ताकि जो श्रोता लेखक या वायस आर्टिस्ट के रूप में हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं, उनके प्रश्नों का एक जगह जवाब उपलब्ध हो जाये। स्टोरीटेल इंडिया की मार्केटिंग हेड सुकीर्ति शर्मा के साथ यह बातचीत उसी सिलसिले में उन सवालों के बारे में है जो भारत में ऑडियोबुक्स के  वर्तमान और भविष्य के बारे में सामान्यतः उठते हैं. सुकीर्ति एक स्वावलम्बी, स्वंतंत्र स्त्री हैं जिसकी झलक इस बातचीत में आपको मिलेगी. यह बातचीत फरवरी के सुहाने दिनों में हमारे मुंबई ऑफिस में रिकार्ड की गयी थी और तब यह नहीं पता था कि आने वाले दिनों में 'बोलती किताबें' के दस एपिसोड एक ग्लोबल महामारी के बारे में होंगे। आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे?  email: [email protected] स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ जाएँ. अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए. 1. कैसी आवाज़ें ढूँढ रहे हैं स्टोरीटेल के ऑडियो प्रोडक्शन मैनेजर राहुल पाटिल? https://audioboom.com/posts/7480055- 2. अगर आप अंग्रेज़ी, बांग्ला और हिंदी में ऑडियो सीरीज़ लिखना चाहते हैं तो स्टोरीटेल पब्लिशर सुरोमिता रॉय को सुनिये https://audioboom.com/posts/7463744-
Jun 18, 2020
36 min
77: सोशल मीडिया हमारी आँखों, कानों और उंगलियों का उपभोग कर रहा है : विनीत कुमार
यह पॉडकास्ट कोरोना वायरस के हम सब के जीवन में आने से पहले रिकार्ड किया गया था. पुराने नॉर्मल में - एक स्टूडियो में, आमने सामने बैठकर, शुरू करने से पहले चाय पीते हुए. साउथ डेल्ही के उस स्टूडियो में बैठे हुए हमें, 20 फरवरी को, चीन और योरोप के बारे में पता था लेकिन ख़ुद हमारा जीवन इस तरफ़ जाने वाल है इसका कोई आइडिया नहीं था, सच में.  जाने माने मीडिया क्रिटिक विनीत कुमार ने हिंदी मनोरंजन चैनलों के प्राइम टाईम कंटेंट पर पी.एच डी की है. वे ब्लॉगिंग के ज़माने से हिंदी पब्लिक स्फीयर के डिजिटल फैलाव के एक सहभागी और  गहन आलोचक दोनों रहे हैं. सोशल मीडिया के साथ साथ टेलिविज़न और रेडियो पर भी उन्होंने काम किया है. 'उनकी प्रकाशित किताबें हैं मंडी में मीडिया' और 'इश्क़ कोई न्यूज़ नहीं'. इस बातचीत में वे हिंदी डिजिटल स्पेस की अब तक की यात्रा - मेल, ब्लॉग से फ़ेक न्यूज़ और अब्यूज़ तक - के विभिन्न पहलुओं पर बात कर रहे है.   Vineet Kumar's Picture: Jai Pandya
May 31, 2020
1 hr 24 min
76: जीत ही लेंगे एक दिन लड़ते-लड़ते: नीलोत्पल मृणाल
कोरोना क्राइसिस के समय में यह हमारा दसवाँ पॉडकास्ट है. महामारी से सबसे ज्यादा हैरान परेशान वो गरीब मजूदर हैं जो शहरों से गांवों की तरफ पलायन कर रहे हैं. ऐसे मुश्किल वक्त में कुछ लेखक अपने सामाजिक सरोकारों को समझते हुए सामने आ रहे हैं और जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं. वे वालेंटियर बन कर उन तक राशन, दवाएं और दूसरी जरूरी चीजें उन तक पहुंचा रहे हैं. हिन्दी के बेस्ट सेलर राइटर और गीतकार नीलोत्पल मृणाल उनमें से एक हैं. इन दिनों नीलोत्पल अपने झारखंड स्थित अपने गांव, दुमका में लोगों की मदद कर रहे हैं. वे लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने, गांव में बाहर से आये लोगों को क्वारंटाइन सेंटर भेजने और उन लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं. साथ ही सरकार से मिलने वाली सुविधाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे है. वो एक वालेंटियर के रूप में अपनी टीम के साथ जमीन पर मुस्तैदी से डटे हुए हैं.  इन्होंने इस पॉडकास्ट में अपने काम, चुनौतियों और भविष्य पर इसके पड़ने वाले प्रभाव के बारे में खुलकर और बेहद दिलचस्प ढंग से बात की है. आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे?  email: [email protected] स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ जाएँ. आप घर पर रहिए, अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए.  कोरोना संकट के दौरान हमारे अन्य पॉडकास्ट: 9. कब तक बन सकता है कोरोना का वैक्सीन जानिये वैज्ञानिक सुषमा नैथानी से https://audioboom.com/posts/7577075- 8. सैकड़ों जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुँचा रहे हैं लेखक ललित कुमार https://audioboom.com/posts/7572101- 7. इंदौर के किसी सरकारी कर्मचारी ने छुट्टी का सोचा भी नहीं है: कैलाश वानखेड़े https://audioboom.com/posts/7569617- 6. मिलिये उस अभिनेत्री से जो मुंबई में कोरोना मरीज़ों की सेवा नर्स के रूप में कर रही है https://audioboom.com/posts/7559410- 5. सरकारी क्षेत्र किसी को बेलआउट करने जितना समर्थ नहीं रह जाएगा: डॉ. अवनींद्र ठाकुर https://audioboom.com/posts/7553275- 4. ख़बर के लिए बाहर सड़क पर जाने में कोई डर नहीं: राहुल कोटियाल https://audioboom.com/posts/7548910- 3. लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें?: डॉ. स्कंद शुक्ल https://audioboom.com/posts/7542314- 2. अचानक लगा हम निर्वासित हो गए हैं, देश के धूल धक्के में लौटना है: मी और जे https://audioboom.com/posts/7539665- 1. यह संसार का अंत क़तई नहीं है, उम्मीद रखिये, ख़याल रखिये: डॉ. प्रवीण झा https://audioboom.com/posts/7536684-
May 17, 2020
33 min
75: कब तक बन सकता है कोरोना का वैक्सीन जानिये वैज्ञानिक सुषमा नैथानी से
कोरोना क्राइसिस के समय में यह हमारा नौवाँ पॉडकास्ट है. जिस तेज़ी से वायरस का प्रसार हुआ है और जिस पैमाने पर मृत्यु हुई है, वैक्सीन मनुष्यता की सबसे बड़ी उम्मीद की तरह नज़र आ रहा है. हमने इस विषय पर मॉलीक्यूलर बायोलोजिस्ट और जीनोम विज्ञानी डॉक्टर सुषमा नैथानी से बात की. भारतीय मूल की सुषमा अमेरिका की ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ़ बॉटनी एंड प्लांट पैथोलॉजी में एसिस्टेंट प्रोफ़ेसर हैं. उनका चीन के शहर वुहान से रिश्ता रहा है जहां वे शोध के सिलसिले में जा चुकी हैं.  सुषमा अंग्रेज़ी और हिंदी की सुपरिचित लेखक भी हैं.  आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे?  email: [email protected] स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ जाएँ. आप घर पर रहिए, अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए. कोरोना संकट के दौरान हमारे अन्य पॉडकास्ट: 8. सैकड़ों जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुँचा रहे हैं लेखक ललित कुमार https://audioboom.com/posts/7572101- 7. इंदौर के किसी सरकारी कर्मचारी ने छुट्टी का सोचा भी नहीं है: कैलाश वानखेड़े https://audioboom.com/posts/7569617- 6. मिलिये उस अभिनेत्री से जो मुंबई में कोरोना मरीज़ों की सेवा नर्स के रूप में कर रही है https://audioboom.com/posts/7559410- 5. सरकारी क्षेत्र किसी को बेलआउट करने जितना समर्थ नहीं रह जाएगा: डॉ. अवनींद्र ठाकुर https://audioboom.com/posts/7553275- 4. ख़बर के लिए बाहर सड़क पर जाने में कोई डर नहीं: राहुल कोटियाल https://audioboom.com/posts/7548910- 3. लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें?: डॉ. स्कंद शुक्ल https://audioboom.com/posts/7542314- 2. अचानक लगा हम निर्वासित हो गए हैं, देश के धूल धक्के में लौटना है: मी और जे https://audioboom.com/posts/7539665- 1. यह संसार का अंत क़तई नहीं है, उम्मीद रखिये, ख़याल रखिये: डॉ. प्रवीण झा https://audioboom.com/posts/7536684-
May 8, 2020
52 min
74: सैकड़ों जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुँचा रहे हैं लेखक ललित कुमार
कोरोना क्राइसिस के समय में यह हमारा आठवाँ पॉडकास्ट है.इस संकट में लेकिन सबसे ज्यादा हैरान परेशान गरीब और मज़दूर हैं जिनके घरों में दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो पाना भी मुश्किल है. ऐसे कठिन वक्त में कुछ लेखकों ने नई जिम्मेदारी उठाई है उनकी मदद करने की, उन तक राशन पहुँचाने की उनके परिवार का हर तरह से ख्याल रखने की. "विटामिन ज़िंदगी" के लेखक, 'कविता कोश' और 'गद्य कोश' के संस्थापक ललित कुमार उन लेखकों में से हैं जो राहत कार्य में लगे हुए हैं. वे सोशल मीडिया के मार्फ़त  दिल्ली से दूर, गांवों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों का भरण-पोषण कर रहे हैं, उन्हें आवश्यक सामग्री मुहैया करा रहे हैं.  उनके इस काम में उनकी  दिव्यांग लोगों की टीम ग्राउन्ड में डटी हुई है. इस बातचीत में वे बता रहे हैं  इस काम के बारे में और हौसला बनाए रखने की अपनी तरकीब के बारे में.  ललित को 2018 में दिव्यांग लोगों के रोल मॉडल के लिए नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. आप we capable नाम की वेबसाइट चलाते हैं, इसके अलावा दशमलव नामक ब्लाग भी है.  आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे?  email: [email protected] स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ जाएँ. आप घर पर रहिए, अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए. कोरोना संकट के दौरान हमारे अन्य पॉडकास्ट: 7. इंदौर के किसी सरकारी कर्मचारी ने छुट्टी का सोचा भी नहीं है: कैलाश वानखेड़े https://audioboom.com/posts/7569617- 6. मिलिये उस अभिनेत्री से जो मुंबई में कोरोना मरीज़ों की सेवा नर्स के रूप में कर रही है https://audioboom.com/posts/7559410- 5. सरकारी क्षेत्र किसी को बेलआउट करने जितना समर्थ नहीं रह जाएगा: डॉ. अवनींद्र ठाकुर https://audioboom.com/posts/7553275- 4. ख़बर के लिए बाहर सड़क पर जाने में कोई डर नहीं: राहुल कोटियाल https://audioboom.com/posts/7548910- 3. लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें?: डॉ. स्कंद शुक्ल https://audioboom.com/posts/7542314- 2. अचानक लगा हम निर्वासित हो गए हैं, देश के धूल धक्के में लौटना है: मी और जे https://audioboom.com/posts/7539665- 1. यह संसार का अंत क़तई नहीं है, उम्मीद रखिये, ख़याल रखिये: डॉ. प्रवीण झा https://audioboom.com/posts/7536684-
May 5, 2020
35 min
73: इंदौर के किसी सरकारी कर्मचारी ने छुट्टी का सोचा भी नहीं है: कैलाश वानखेड़े
कोरोना क्राइसिस के समय में यह हमारा सातवाँ पॉडकास्ट है. इस बार हम बातचीत कर रहे हैं इंदौर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मेजिस्ट्रेट और हिंदी के अग्रणी कथाकार कैलाश वानखेड़े से. इंदौर भारत के सर्वाधिक संक्रमित शहरों में से है और वहाँ प्रशासन के सम्मुख अन्य चुनौतियाँ भी रही हैं जिन्होंने इस लड़ाई को और भी मुश्किल बना दिया. कैलाश बता रहे हैं इंदौर प्रशासन कैसे इन सब चुनौतियों के साथ साथ अपने एक पुलिसकर्मी साथी के संक्रमण से देहांत के दुखद सदमे से उबरा और कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई को युद्ध समझकर फिर से कर्मठता से जुट गया. आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे?  email: [email protected] स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ जाएँ. आप घर पर रहिए, अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए. कोरोना संकट के दौरान हमारे अन्य पॉडकास्ट: 6. मिलिये उस अभिनेत्री से जो मुंबई में कोरोना मरीज़ों की सेवा नर्स के रूप में कर रही है https://audioboom.com/posts/7559410- 5. सरकारी क्षेत्र किसी को बेलआउट करने जितना समर्थ नहीं रह जाएगा: डॉ. अवनींद्र ठाकुर https://audioboom.com/posts/7553275- 4. ख़बर के लिए बाहर सड़क पर जाने में कोई डर नहीं: राहुल कोटियाल https://audioboom.com/posts/7548910- 3. लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें?: डॉ. स्कंद शुक्ल https://audioboom.com/posts/7542314- 2. अचानक लगा हम निर्वासित हो गए हैं, देश के धूल धक्के में लौटना है: मी और जे https://audioboom.com/posts/7539665- 1. यह संसार का अंत क़तई नहीं है, उम्मीद रखिये, ख़याल रखिये: डॉ. प्रवीण झा https://audioboom.com/posts/7536684-
Apr 29, 2020
31 min
72: मिलिये उस अभिनेत्री से जो मुंबई में कोरोना मरीज़ों की सेवा नर्स के रूप में कर रही है
कोरोना क्राइसिस के समय में यह हमारा छठा पॉडकास्ट है.  इस पॉडकास्ट में हमने एक्‍ट्रेस, शिखा मल्होत्रा से बात की जो इन दिनों बतौर नर्स कोरोना मरीजों को अपनी सेवाएं मुम्बई के एक अस्पताल में दे रही हैं और सुर्खियों में हैं. शिखा एक्ट्रेस के साथ-साथ सर्टिफाइड नर्स भी हैं. उनकी ये नि:स्वार्थ सेवा लोगों के लिए एक प्रेरणा है.  शिखा ने हाल में कांचली फिल्म से बतौर लीड एक्ट्रेस, डेब्यू किया है. ये फिल्म महान साहित्यकार, विजयदान देथा की कहानी पर आधारित है. शिखा बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं, उन्होंने क्लासिकल संगीत और नृत्य भी सीखा है, साथ ही कविताएं भी लिखती हैं. उनका सफ़र भी काफी संघर्ष और चुनौतियों से भरा रहा है. उन्होंने इस पॉडकास्ट में न केवल नर्स के रूप में अपनी चुनौतियों को बताया है बल्कि कोरोना को लेकर कुछ टिप्स भी दिए हैं. आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे?  email: [email protected] स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ जाएँ. आप घर पर रहिए, अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए. कोरोना संकट के दौरान हमारे अन्य पॉडकास्ट: 5. सरकारी क्षेत्र किसी को बेलआउट करने जितना समर्थ नहीं रह जाएगा: डॉ. अवनींद्र ठाकुर https://audioboom.com/posts/7553275- 4. ख़बर के लिए बाहर सड़क पर जाने में कोई डर नहीं: राहुल कोटियाल https://audioboom.com/posts/7548910- 3. लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें?: डॉ. स्कंद शुक्ल https://audioboom.com/posts/7542314- 2. अचानक लगा हम निर्वासित हो गए हैं, देश के धूल धक्के में लौटना है: मी और जे https://audioboom.com/posts/7539665- 1. यह संसार का अंत क़तई नहीं है, उम्मीद रखिये, ख़याल रखिये: डॉ. प्रवीण झा https://audioboom.com/posts/7536684-
Apr 17, 2020
50 min
71: सरकारी क्षेत्र किसी को बेलआउट करने जितना समर्थ नहीं रह जाएगा: डॉ. अवनींद्र ठाकुर
कोरोना क्राइसिस के समय में यह हमारा पाँचवा पॉडकास्ट है. इस एपिसोड में हम जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ गवर्नमेंट एंड पब्लिक पॉलिसी में एसोसियेट प्रोफ़ेसर डॉ. अवनींद्र ठाकुर से बात कर रहे हैं ग्लोबल और भारतीय इकॉनमी पर कोरोना संकट के प्रभाव की. आप हमारे साथ ज़रूर साझा करें कि आपको 'बोलती किताबें' कैसा लग रहा है और आप इसमें क्या सुनना पसंद करेंगे?  email: [email protected] स्टोरीटेल सब्सक्राइब करने के लिए यहाँ जाएँ. आप घर पर रहिए, अपना ख़याल रखिए, हो सके तो रोज़ कोई किताब सुनिए या पढ़िए. कोरोना से सम्बंधित हमारे अन्य पॉडकास्ट: 4. ख़बर के लिए बाहर सड़क पर जाने में कोई डर नहीं: राहुल कोटियाल https://audioboom.com/posts/7548910- 3. लॉकडाउन में कोरोना संक्रमण से कैसे बचें?: डॉ. स्कंद शुक्ल https://audioboom.com/posts/7542314- 2. अचानक लगा हम निर्वासित हो गए हैं, देश के धूल धक्के में लौटना है: मी और जे https://audioboom.com/posts/7539665- 1. यह संसार का अंत क़तई नहीं है, उम्मीद रखिये, ख़याल रखिये: डॉ. प्रवीण झा https://audioboom.com/posts/7536684-
Apr 10, 2020
30 min
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