Baat - Mulakaat
Baat - Mulakaat
Suno India
जैसा की नाम से जाहिर हे, इस पॉडकास्ट सीरीज में होंगी बातें और मुलाकातें। बातें उन मुद्दों पे जो ज़रूरी हैं लेकिन जिस पर अक्सर बातें नहीं होती या होती हैं तो न के बराबर। बातें उन मुद्दों और विषयों पर भी जिनके बारें में आप जानना चाहते हैं, लेकिन आपको पता नहीं किससे पूछे और किससे बात करें। सुनो इंडिया के इस सीरीज़ "बात-मुलाक़ात" में हम आपकी करवाएंगे मुलाकात ऐसे एक्सपर्ट्स और जानकारों से जो दे सकें आपके सवालों का जवाब और जिनके साथ हो सके ज्वलंत और ज़रूरी मुद्दों पर बातचीत। (As the name suggests, this podcast series will feature conversations and meetings. Conversations on issues which are important but not discussed often. Conversations on topics that you want to know more about, but are not sure about whom/where to ask.  Do tune in to Baat MulaKaat, where you will get to meet and hear experts who can answer these questions and clarify your doubts.)
किसान आंदोलन: देश की मौजूदा राजनीति और समाज पर इसका प्रभाव
पहले एपिसोड में हमने किसान आंदोलन के अब तक के सफर को समझने के लिए बात की थी स्वतंत्र पत्रकार मंदीप पुनिया से। उसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए हम, इस एपिसोड में हम बात करेंगे संयुक्त किसान मोर्चा के नेता कॉमरेड हन्नन मुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह से। और उनसे इस किसान आंदोलन के राजनैतिक और सामाजिक महत्व के बारे में जानने की कोशिश करेंगे। See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Nov 25, 2021
30 min
किसान आंदोलन: पिछले एक साल का सफ़र और महत्वपूर्ण घटनाएं
19 नवंबर, 2021 गुरुनानक जी के जन्मदिन और प्रकाश पर्व पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करने की घोषणा की जिसकी सांवैधानिक कार्यवाही आगामी संसद सत्र में की जाएगी।  फिलहाल इस घोषणा को किसान आंदोलन की एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा सकता है लेकिन 26 नवंबर को दिल्ली की सीमाओं पर एक साल पूरे करने जा रहे किसान आंदोलन की एक ऐतिहासिक यात्रा रही है। जिसे हमें याद रखना चाहिए।  किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने के अवसर पर हम आपके लिए लेकर आए हैं बात मुलाक़ात के दो एपिसोड्स की एक श्रंखला। इन दो भागों में हम किसान आंदोलन की मुख्य घटनाओं और तारीखों के साथ साथ इस आंदोलन की आंतरिक पहलुओं और इसके व्यापक राजनैतिक प्रभाव पर बात करेंगे। इस पहले एपिसोड में सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार सत्यम श्रीवास्तव बात कर रहे हैं स्वतंत्र पत्रकार मंदीप पुनिया से जो शुरुआत से ही इस आंदोलन को कवर कर रहे हैं। See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Nov 20, 2021
25 min
क्यों घट रहा हे भारतीय नागरिकों का कद?
PLOS One में हाल के एक अध्ययन में कहा गया है कि भारतीय वयस्कों की औसत ऊंचाई में गिरावट आ रही है।  बात-मुलाक़ात की इस कड़ी में, Suno India की मेनका राव ने इस पेपर के मुख्य लेखक कृष्ण कुमार चौधरी से बात की। कृष्ण कुमार ने हमे बताया कि कैसे दशकों से समुदाय में अच्छे स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और साफ़ सफाई के संकेतक के रूप में ऊंचाई का उपयोग किया जाता रहा है, और औसत भारतीय ऊंचाई में गिरावट चिंता का कारण क्यों है| See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Oct 26, 2021
16 min
Online Education: कोरोना काल में कैसे पिछड़े स्कूल जाने वाले बच्चे
Road scholars ने August 2021 में देश के 15 राज्यों के 1362 परिवारों के सर्वे में  पाया  की  सिर्फ  8% ग्रामीण छात्र  और  19% शहरी  छात्रों ने  नियमित तौर से online classes अटेंड करी हैं। बात मुलाकात की इस मिनी सीरीज के दूसरे एपिसोड में हमने Road Scholars के इस  सर्वे  के  बारे उनकी  शोधकर्ता रीतिका खेरा से बात की।  See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Sep 30, 2021
27 min
Online Education: कैसे मेरठ के तीन भाई-बहनो के लिए ऑनलाइन पढ़ाई बनी चुनौती
कोरोना महामारी के कारण जहां एक तरफ हमारे देश में स्कूल्ज और कॉलेज पिछले एक साल से जायदा समय तक बंद रहे हैं, वही दूसरी और मोबाइल, लैपटॉप के  साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी का ना होना, ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए एक दोहरी मार की तरह था।  बात मुलाकात की इस मिनी सीरीज के पहले एपिसोड में हमने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और उनके परिजनों से कोरोना महामारी के दौरान उनकी पढाई को जारी रखने में हुई परेशनियों को बारीकी से समझने की कोशिश की। See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Sep 30, 2021
16 min
कोरोना वायरस के विभिन्न प्रकारों और उनके बदलावों पे चर्चा
दिसंबर 2020 में, भारत में कोविड -19 वायरस के एक अत्यधिक संक्रामक रूप की पहचान की गई थी। जिसे वैज्ञानिक ने Delta Variant का नाम दिया। भारत सरकार ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के लिए कोरोना वायरस के delta वैरिएंट को जिम्मेदार ठहराया है। हाल ही में, भारत सरकार ने Delta Variant में mutation की भी पहचान की है जिसका नाम उन्होंने डेल्टा प्लस रखा हे। अभी हाल ही में, दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने एक और नए कोरोनवायरस के Variant का पता लगाया है।  इस म्युटेशन को अभी C.1.2 का नाम दिया गया हे और इसका अध्ययन अभी किया जा रहा है।  कोरोनवायरस के इन् Variants और mutations के बारे में अधिक जानने के लिए, सुनो इंडिया के सह-संस्थापक तरुण निर्वाण ने डॉ वसुंधरा रंगास्वामी जी से बात की। डॉ वसुंधरा पेशे से एक Microbiologist, और primary care physician हैं।  See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Aug 31, 2021
36 min
युवाओं ने कैसे शुरू किया #SaveBuxwahaForest अभियान
बात – मुलाकात के इस एपिसोड में पिछले महीने चर्चा में रहे बकस्वाहा के जंगल और हीरा खनन के मुद्दे को समझने की कोशिश की गयी है।  बकस्वाहा, मध्य प्रदेश में छतरपुर जिले की एक तहसील है। यहाँ हीरा का एक भण्डार मिला है। अनुमान है कि यहाँ 3.4 करोड़ कैरेट के हीरे हैं। लेकिन इस हीरे को पाने के लिए कम से कम 2.15 लाख छोटे-बड़े पेड़ काटे जाने की ज़रूरत होगी।  हीरे के इस भण्डार को बंदर डायमंड ब्लॉक कहा जाता है। 2019 में हुई एक नीलामी के तहत यह डायमंड ब्लॉक बिरला समूह की एक कंपनी एसेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को खनन लीज़ पर मिला है। इससे पहले यहाँ रियो टिंटों जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी हीरे की खोज कर रही थी।  पेड़ों की कटाई से संबंधित खबरों ने प्रमुखता से मध्य प्रदेश के अखबारों में जगह पाई। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लोगों को ऑक्सीज़न के लिए परेशान होते देखा गया। इन खबरों ने बकस्वाहा और उसके आस-पास के युवाओं को परेशान किया। उन्हें ऐसा लगा कि ऑक्सीज़न के प्राकृतिक स्रोतों यानी पेड़ों की रक्षा की जाना चाहिए। इसी सोच से सेव बकस्वाहा फॉरेस्ट नाम के यह अभियान अचानक सुर्खियों में आ गया।  इस एपिसोड में हमने उन युवाओं से बात की जो इस अभियान में शुरुआत से जुड़े हैं। संकल्प जैन और निदा रहमान से बात चीत करके हम इस अभियान के कुछ पहलुओं को जानने की कोशिश की।  स्थानीय लोगों और स्थानीय पत्रकार से भी बात चीत की ताकि इस अभियान को लेकर जमीनीन स्थिति का जायजा लिया जा सके। शिवेन्दा शुक्ला, जगदीश यादव ने हमें इस बारे में बताया।  लेकिन इस अभियान के अलावा इस परियोजना और नीलामी पर भी कई सवाल हैं। ये सवाल कानूनी हैं। जिस जंगल को नीलाम किया गया है उसकी कानूनी स्थिति क्या है? इसके बारे में हमने एडवोकेट अनिल गर्ग से बात की और इससे जुड़े कई पहलुओं को समझा।  बकस्वाहा का मामला राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी एनजीटी में भी उठाया गया है। इस संबंध में हमने एक याचिकाकर्त्ता पुष्पराग से भी बात की।  इस परियोजना के कई अन्य पहलुओं और इसके खिलाफ चल रहे अभियान को मुकम्मल तौर पर समझने के लिए छतरपुर वन मण्डल के वन अधिकारियों से भी बात की लेकिन उन्होंने अपना आधिकारिक पक्ष रखने से इंकार कर दिया।  इस शो का संचालन, सत्यम श्रीवास्तव ने किया जो पंद्रह सालों से सामाजिक आंदोलनों से जुड़े हैं और सामयिक विषयों पर लिखते हैं। See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Jul 11, 2021
25 min
महिलाओं के यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर COVID-19 का प्रभाव
United Nations Population Foundation के द्वारा जमा किये गए आकंड़ों के अनुसार 2020 में 120 लाख महिलाओं को गर्भ निरोधक प्राप्त नहीं हुए हैं और उसके कारण 14 लाख अनियोजित गर्भ धारणाऐं देखी गई हैं। Linkedin द्वारा किये गई के Opportunity Index Survey अनुसार 89% महिलाओं को रोज़गार ढूढ़ने में कठिनाई हुई हैं। इस एपिसोड में हमने महिलाओं की स्तिथि पर कोरोना महामारी के दुष्प्रभाव समझने के लिए हमने संघमित्रा सिंह से बात की। संघमित्रा जी एक स्वास्थ्य वैज्ञानिक हैं और पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के लिए काम करती है। इस एपिसोड में हम महिलों के आर्थिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पे भी चर्चा करेंगे। See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Jun 23, 2021
21 min
विशेषज्ञों से जानिए कि कोरोना के खिलाफ टीका क्यों लगवाना चाहिए, और उसके क्या प्रभाव होते हैं।
जहाँ एक और कोरोना की दूसरी लहर में हमारे देश में मौत का कुल आकंड़ा 3.5 लाख से ऊपर पंहुचा दिया हे वही दूसरी और देश में कोरोना की रोकथाम के लिए चल रहे टिकाकरन अभियान को भी बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा हे। इन् मुश्किलों में एक प्रमुख टीकाकरन के इर्दगिर्द फैली गलतफमियों और लोगों के मन टिका लगवाने को लेके झिझक हे।  The Suno India Show के इस एपिसोड में आप जन स्वस्थ्य अभियान की संयोजिका सुलक्षणा नंदी और उनकी सहकर्मी दीपिका जोशी को डॉ टी सुंदररमन से कोरोना टिकाकरन से जुड़े कई मुद्दों जैसे की टिका क्यों लगवाना जरुरी हे, उसके प्रभाव और दुष्प्रभाव क्या हैं और टीकाकरन के इर्दगिर्द  फैली गलत फमियों पर बात करते सुनेंगे।  Dr T Sundararaman, जन स्वाथ्य अभियान के वैश्विक समन्वयक हैं । ये एपिसोड जन स्वाथ्य अभियान, All India People’s Science Network और भारत ज्ञान विज्ञानं समिट द्वारा आयोजित Facebook Live का एक भाग हे जिसे इस पॉडकास्ट एपिसोड के रूप में आप सुन रहे हैं | See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Jun 11, 2021
26 min
IT Rules 2021 का मीडिया की आज़ादी पर क्या असर पड़ेगा?
केंद्रीय सरकार ने कहा है कि उसने 'डिजिटल मीडिया' को रेगुलेट के लिये कुछ नये नियम बनाये हैं और इसे 'इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स 2021' का नाम दिया है। लेकिन डिजिटल मीडिया संस्थानों और पत्रकारों के संगठन DIGIPUB News India Foundation का कहना है कि इन नियमों की कोई ज़रुरत नहीं है और ये नियम “लोकतंत्र में समाचार के मूल सिद्धांत और उसकी भूमिका के खिलाफ जाते हैं.” ऐसे में सवाल उठता है कि ये रूल्स क्या हैं और क्यों इसका विरोध हो रहा है ? साथ ही, क्या भारत में 'डिजिटल मीडिया' को रेगुलेट करने के लिए अभी तक कोई नियम नहीं है जो इसकी ज़रुरत पड़ गयी? हम ये भी देख रहे हैं कि हाल दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर हमले तेज़ हुए हैं, पत्रकारों गिरफ्तारियां भी हुयी हैं या फिर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश हुई है जिसकी वजह से स्वतंत्र पत्रकारिता दिन ब दिन मुश्किल होता होता जा रहा है। कोरोना और लॉकडाउन की वजह से भी सैकड़ों मीडियाकर्मियों की नौकरी चली गयी है। आख़िर सवाल उठता है कि इन सब समस्याओं का कारण और हल क्या है ? इन्हीं सवालों और मुद्दों पर 'बात-मुलाक़ात' के इस एपिसोड में होस्ट महताब आलम ने वरिष्ठ पत्रकार गीता शेषु और वकील अपार गुप्ता के साथ बातचीत की। (The central government has introduced a new set of rules namely the Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules 2021. According to the government, the rules aim to  address the concerns around lack of transparency, accountability and rights of users related to digital media.  However, as per DIGIPUB News India Foundation, which is a collective of independent journalists and digital media organisations, the rules in “some places appear to go against the fundamental principle of news and its role in a democracy”. In this episode of Baat Mulaqat, we discuss the features of the rules, their impact on media freedom and ordinary citizens. We also talk about the growing attacks on media freedom and journalists.   We are joined by senior journalist Geeta Seshu and lawyer Apar Gupta in this discussion.) See sunoindia.in/privacy-policy for privacy information.
Apr 2, 2021
1 hr 1 min
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