
नारी हमेशा दुविधा मे रहती है किस किस रिश्ते को निभाये । ना वो मायके की रहती है और न ही ससुराल उसे पूरी तरह अपना पाता है।
Jan 11, 2021
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नारी सृष्टी की सबसे खूबरसूरत रचना है। उसके कई रूप है ।भारत मे लक्ष्मी रूप मे पूजी जाती है ।इसे भार न समझ फलने फूलने दे।विश्वास कर उसकी योग्यता पर ये एक निवेदन हैं।
Jan 11, 2021
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नारी की कहानी अजीब है ,कहीं पूजी जाती है कहीं लूटी जाती है। अपने अंदर हर नारी बहुत कुछ दबाये जीये जाती है बिना अपनी ताकत का अहसास किये ।जिस दिन उसे अपनी ताकत का अहसास होगा तो वो अपनी तक़दीर खुद लीक लेगी।
Jan 11, 2021
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माँ एक शब्द नही हैं ।इसके पीछे बहुत त्याग,प्यार,मेहनत, कुर्बानी छीपी हैं।इसे सिर्फ एक शब मत समझना ,इस शब्द को सम्मान देना।भगवान के बाद यही शब्द पूजनीय हैं।
Jan 11, 2021
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क्यो नारी को ही हर रिश्ते मैं ज़िम्मेदार बनाया जाता है क्यो सवालो के कटघरे मे उसे ही खड़ा रखा जाता है ।कोई उसकी मजबूरी ,ज़िम्मेदारी नही समझता ।कोई औरत कभी भी स्वेच्छा से द्रोपदी नही बनना चाहती है।
Jan 11, 2021
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ज़िन्दगी एक यादो की गठरी हैं ।कभी कभी ये गठरी खुल जाती है और यादे बिखर जाती हैं।
Jan 2, 2021
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ये हर औरत की कहानी है। हर समय अपने पर लगने वाले दाग से डरी सहमी।ज़िन्दगी जीना ही छोड़ देती है।
Jan 2, 2021
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