शब्द
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girish kashyap
Poems
गर गुजरोगी मेरे शहर से कभी
लोग दूर चले जाते हैं।
Jan 25, 2021
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कम्बख़्त लहरों ने पढ़ने ना दिया
कभी कभी हम कहना बहुत कुछ चाहते है पर किन्हीं कारणों से कह नहीं पाते उन्हीं अनकहे जज़्बातों की कहानी
Jan 23, 2021
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मंज़िलें "The Voice"
मंज़िलें अलग हैं तुम्हारी और मेरी भी हो सके तो साथ चल
Jan 22, 2021
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अमीषा
मंजुषा= छोटी सी पेटी या बक्सा, अमीषा=निष्कपट
Jan 19, 2021
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हाँ सिर्फ तुम
हाँ सिर्फ तुम
Jan 19, 2021
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खत कहीं खो गया
वो नीली अन्तरदेशी और वो पीला पोस्टकार्ड अब ना तो हम कहीं भेजते हैं ना हमको कहीं से आता नहीं, हमने इन्हें खो दिया है।
Jan 19, 2021
3 min
प्रेम और वियोग
पंत जी की पंक्तियाँ, वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान, निकलकर आँखों से चुपचाप,बही होगी कविता अनजान। इन्ही पंक्तियों से प्रेरित होकर प्रेम और वियोग के बारे में एक सोच ।
Jan 18, 2021
6 min
Happy Birthday TITLI
Audio of letter given on her birthday
Jan 18, 2021
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