
कभी कभी हम कहना बहुत कुछ चाहते है पर किन्हीं कारणों से कह नहीं पाते उन्हीं अनकहे जज़्बातों की कहानी
Jan 23, 2021
1 min

वो नीली अन्तरदेशी और वो पीला पोस्टकार्ड अब ना तो हम कहीं भेजते हैं ना हमको कहीं से आता नहीं, हमने इन्हें खो दिया है।
Jan 19, 2021
3 min

पंत जी की पंक्तियाँ, वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान, निकलकर आँखों से चुपचाप,बही होगी कविता अनजान। इन्ही पंक्तियों से प्रेरित होकर प्रेम और वियोग के बारे में एक सोच ।
Jan 18, 2021
6 min
