
कविता - विवेक चतुर्वेदी, प्रस्तुति- अमन,🎙️📻🎧 ताले धमकाए जाते हैं,
झिंझोड़े जाते हैं,
हुमसाए जाते हैं औजारों से,
वे मंजूर करते हैं मार खाना,
दरकना, फिर टूट जाना,
पर दूसरी चाबी से नहीं खुलते।
Aug 10, 2020
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कविता - चंद्रकांत देवताले,
प्रस्तुति- अमन,🎙️📻🎧मेरे होने के प्रगाढ़ अँधेरे को
पता नहीं कैसे जगमगा देती हो तुम
अपने देखने भर के करिश्मे से
कुछ तो है तुम्हारे भीतर
जिससे अपने बियाबान सन्नाटे
को तुम सितार-सा बजा लेती हो...
Aug 8, 2020
1 min
