जीना में अभी भी सीख रहा हूँ।
Rahul Tater
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जीवन के दोराहे,अनभुव,उतार-चढ़ाव को शब्दों में पिरोया है।
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प्रतिक्षा की कतार में
स्वयं पर अगर विश्वास हो , आशा की छनकार हो, तो एक दिन अवसर की पुकार जरूर सुनने मिलेगी।
Jul 18, 2020
39 sec
मेरी जिंदगी
खुद के जिंदगी के मायनों को लिखना चाहा, कुछ अलग करने की अलख जगाये बैठा हूँ। थोड़ा तन्हा भी हुँ, थोड़ा सहमा सा भी हुँ।
Jun 5, 2020
1 min
सिख रहा हूँ
खुद को खोजने की राह में कुछ लिखा है, शायद आप भी इससे जुड़ाव महसूस करेंगे।
Jun 1, 2020
1 min